Floods News: पिछले कुछ दिनों से उत्तर भारत के कई राज्यों में आसमान से आफत बरस रही है. फ्लैश फ्लड यानी बादल फटने की घटनाओं, भारी बारिश और लैंडस्लाइड जैसी आपदाओं में सैकड़ों जानें गई हैं. ये आफत थमने का नाम नहीं ले रही हैं. अब एक बार फिर कई राज्यों में संकट के बादल छाए हुए हैं. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटे में चार राज्यों में फ्लैश फ्लड (flash floods) की चेतावनी जारी की है. इन राज्यों में उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश शामिल हैं. मंगलवार को उत्तर पश्चिम भारत के कई इलाकों में भारी बारिश के बाद ये अलर्ट जारी किया गया है.
4 पहाड़ी राज्यों के इन जिलों में अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर एक पोस्ट में कहा, ‘अगले 24 घंटों में उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में अचानक बाढ़ (flash floods) का मॉडरेट से हाई रिस्क होने की आशंका है.’ भारत मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट के मुताबिक जिन जिलों में बारिश का खतरा है उनमें शामिल हैं,
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- उत्तराखंड:अल्मोड़ा, बागेश्वर,चमोली,देहरादून,पौड़ी,पिथौरागढ़,रुद्रप्रयाग,टिहरी,उत्तरकाशी
- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख: अनंतनाग, डोडा, कठुआ, किस्तवार, कुलगाम, पंच, रामबन, रियासी, उधमपुर
- हिमाचल प्रदेश: चंबा, कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू, लाहुल-स्पीति, मंडी, शिमला, सिरमौर

इन राज्यों में मॉनसून ने मचाया कोहराम
इस मॉनसून सीजन में भारी बारिश ने चारों राज्यों में भयंकर कोहराम मचाया है. इस मॉनसून सीजन में देश के कई राज्यों में औसत से काफी ज्यादा बारिश की वजह से मॉनसून ने भयंकर कहर बरपाया है. इस साल मॉनसून ने औसत से 9 दिन पहले 29 जून को ही पूरे देश को कवर कर लिया था. भारतीय मौसम विभाग के पास मौजूद आकड़ों के मुताबिक 2 सितम्बर, 2025 तक :
- हिमाचल प्रदेश में 905 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है जो औसत से 45% ज्यादा है.
- उत्तराखंड में अब तक 1236.7 मिमी से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गयी है जो औसत से 24% ज्यादा है.
- जम्मू और कश्मीर में 600.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गयी है जो औसत से 30% ज्यादा है.
- लदाख में अब तक 81.6 मिमी से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गयी है जो औसत से 386% ज्यादा है.
आम लोगों के जारी एडवाइजरी में भारत मौसम विभाग ने सुरक्षा के लिए नालियों, पुलियों और गिरी हुई बिजली लाइनों से बचने की सलाह दी है. साथ ही नदी के निकट बाढ़ संभावित क्षेत्रों में जाने से भी बचने को कहा है. बता दें कि मॉनसून इस साल सामान्य तिथि 1 जून से 8 दिन पहले 24 मई को ही केरल तट पर पहुंच गया था.
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