रायपुर: राज्य में परंपरागत चिकित्सा और आयुर्वेदिक स्वास्थ्य पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रायपुर में राज्य स्तरीय परंपरागत वैद्य सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विशेष रूप से भाग लिया और वैद्य समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य राज्य में पारंपरिक और आयुर्वेदिक चिकित्सा को संगठित करना और इसकी उपयोगिता तथा नवाचारों पर चर्चा करना था। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए परंपरागत वैद्य, आयुर्वेदिक चिकित्सक और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अपनी-अपनी विधाओं और उपचार पद्धतियों के बारे में जानकारी साझा की।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में नई पहल कर रही है और वैद्य समुदाय को प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और स्वास्थ्य कार्यक्रमों में भागीदारी के अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने यह भी जोर दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए परंपरागत चिकित्सा और आयुर्वेदिक उपचार महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। सम्मेलन में आयुर्वेदिक औषधियों के उत्पादन, जड़ी-बूटी संसाधनों के संरक्षण और पारंपरिक उपचार पद्धतियों के डिजिटलीकरण पर भी विशेष सत्र आयोजित किए गए। इसके अलावा, युवा चिकित्सकों और छात्रों को परंपरागत चिकित्सा में रुचि बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन किया गया।
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वैद्य सम्मेलन ने राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में परंपरागत और आधुनिक चिकित्सा के समन्वय को मजबूत करने के प्रयासों को भी रेखांकित किया। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य नीति, औषधि निर्माण और लोक स्वास्थ्य के क्षेत्र में नवीनतम शोध और तकनीकों पर भी चर्चा हुई। समारोह में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, आयुर्वेदिक संस्थानों के प्रतिनिधियों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग उपस्थित रहे। सम्मेलन का समापन मुख्यमंत्री साय के धन्यवाद संदेश और परंपरागत चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए नए कदम उठाने की प्रतिबद्धता के साथ हुआ।
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