जांजगीर-चांपा : जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। यहां थाना बिर्रा के ग्राम तालदेवरी में करीब 200 से अधिक गायों को एक छोटे से बाड़े में कैद करके रखा गया था। जानकारी के मुताबिक, नदी किनारे बने इस बाड़े में ना तो गायों के लिए पानी की कोई व्यवस्था थी, ना ही चारे की। कई गायें भूख-प्यास से तड़प रही थीं, जबकि कुछ के पैरों में इतनी कसकर रस्सी बांधी गई थी कि उनके पैर लहूलुहान होकर सड़ चुके थे।
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सबसे दर्दनाक बात यह कि मर चुकी गायों को नदी में फेंक दिया जा रहा था।सूचना मिलने पर गौ-रक्षक दल और बिर्रा पुलिस मौके पर पहुंची। वहां करीब 30 से अधिक घायल और बीमार गौवंशों का तत्काल प्राथमिक उपचार किया गया। गौ-सेवकों और ग्रामीणों की मदद से 200 से अधिक गायों को बाड़े से मुक्त कराया गया, जो नरक जैसे हालात में दिवाली के दिन आजाद हुईं।
स्थानीय लोगों और गौ-रक्षकों ने इस घटना को अत्यंत अमानवीय बताया है। साथ ही प्रशासन से जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। बिर्रा पुलिस ने मौके पर जांच शुरू कर दी है और मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है।
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