Indian Navy Day 2025: देश की तीनों सशस्त्र सेनाओं में भारतीय नौसेना का सम्मान और गौरव आज के दिन और भी बढ़ जाता है, क्योंकि आज भारतीय नौसेना दिवस मनाया जा रहा है। हर साल 4 दिसंबर को यह दिन उन सभी बहादुर नौसैनिकों को समर्पित होता है जो समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में हर पल तत्पर रहते हैं। नौसेना दिवस के पीछे एक गौरवशाली इतिहास भी जुड़ा है। 1971 के युद्ध में इसी दिन भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान को समुद्र में करारा जवाब दिया था। भारतीय नौसैनिकों ने पाकिस्तानी युद्धपोत PNS खैबर सहित कई बड़े लड़ाकू जहाजों को ध्वस्त कर भारत की जीत का परचम लहराया था। इस ऐतिहासिक विजय की याद में हर वर्ष नेवी डे मनाया जाता है।
आज भारतीय नौसेना सिर्फ ताकत और तकनीक में ही नहीं, बल्कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के कारण भी नई ऊंचाइयों को छू रही है। भारतीय नौसेना में कई महिला अधिकारी ऐसी हैं, जो अपने दम, मेहनत और लगन के दम पर इतिहास बना चुकी हैं। आइए, नौसेना दिवस पर उन महिला अधिकारियों से मिलते हैं जिन्होंने नेवी में नई मिसाल कायम की है।
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नौसेना युद्धपोतों पर तैनात पहली महिला अधिकारी
भारतीय नौसेना के इतिहास में पिछले वर्षों में एक बड़ा बदलाव आया जब पहली बार दो महिला अधिकारियों को युद्धपोतों पर तैनाती मिली। ये महिलाएं हैं, सब लेफ्टिनेंट कुमुदिनी त्यागी और सब लेफ्टिनेंट रीति सिंह। दोनों को हेलीकॉप्टर स्ट्रीम में ‘ऑब्जर्वर’ के तौर पर चुना गया है। इसके साथ ही फ्रंटलाइन जंगी जहाजों पर महिलाओं की तैनाती आधिकारिक रूप से शुरू हो गई। कुमुदिनी और रीति अब उन जहाजों के डेक पर तैनात रहती हैं, जहां पहले सिर्फ पुरुष अधिकारी ही काम करते थे। आइए जानते हैं कुमुदिनी त्यागी और रीति सिंह के बारे में।
सब लेफ्टिनेंट कुमुदिनी त्यागी
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के खरखौदा क्षेत्र से आने वाली कुमुदिनी त्यागी बचपन से ही फोर्स में जाने का सपना देखती थीं। 10वीं के बाद ही उन्होंने सेना में जाने की ठान लिया। बीटेक करने के बाद कुमुदिनी ने कठिन मेहनत की और अंततः दिसंबर 2018 में भारतीय नौसेना में कमीशन प्राप्त किया। उनके पिता सिक्योरिटी एजेंसी चलाते हैं, जबकि दादा सुरेश चंद्र त्यागी पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर रहे हैं। सैन्य सेवा का यह जुनून उनके परिवार की प्रेरणा से ही आया।
सब लेफ्टिनेंट रीति सिंह
रीति सिंह उस परिवार से ताल्लुक रखती हैं जिसकी तीन पीढ़ियों ने भारतीय सेना में सेवा की है। उनके पिता एस.के. सिंह भारतीय नौसेना से रिटायर हैं, और उनकी मां अंग्रेज़ी की शिक्षिका हैं। रीति का जन्म 1996 में उत्तर प्रदेश में हुआ, लेकिन साल 2002 में परिवार के साथ हैदराबाद शिफ्ट हो गईं। रीति बचपन से ही नौसेना की ओर आकर्षित रहीं और अपने सपने को पूरा करते हुए भारत की पहली महिला एयरबोर्न टैक्टीशियंस में जगह बनाई।
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भारतीय नौसेना की महिला पायलट शिवांगी सिंह
भारतीय नौसेना की गर्व की बात हैं लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह, जो न सिर्फ नेवी की पायलट हैं, बल्कि इतिहास रचते हुए राफेल उड़ाने वाली पहली महिला फाइटर पायलट भी बनीं। वाराणसी की रहने वाली शिवांगी के परिवार में भी सेना की पृष्ठभूमि है। उनके नाना वी.एन. सिंह भारतीय सेना में कर्नल थे। बचपन से ही लड़ाकू विमान उड़ाने की इच्छा रखने वाली शिवांगी का सपना 2017 में तब पूरा हुआ जब वो देश की पांच महिला फाइटर पायलटों की टीम का हिस्सा बनीं। उन्होंने मिग-21 से उड़ान भरी और अब राफेल उड़ाने की तैयारियों में जुटी हैं।
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