Stroke Symptoms: स्ट्रोक एक मेडिकल इमरजेंसी है, जो तब होता है जब ब्रेन तक जाने वाला ब्लड फ्लो अचानक रुक जाता है या कम हो जाता है. इससे दिमाग को ऑक्सीजन और जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते. समय रहते इलाज न मिले तो ब्रेन डैमेज, पैरालिसिस और जान का खतरा भी हो सकता है. डॉक्टरों का कहना है कि स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, खासकर जब ये सुबह उठते समय दिखें.
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स्ट्रोक क्यों आता है?
स्ट्रोक मुख्य रूप से दो तरह का होता है. पहला इस्केमिक स्ट्रोक, जिसमें दिमाग की नस में खून का थक्का जम जाता है. दूसरा हेमरेजिक स्ट्रोक, जिसमें नस फट जाती है या लीक होने लगती है।.इसके अलावा मिनी स्ट्रोक या टीटीए भी होता है, जो भविष्य में बड़े स्ट्रोक की चेतावनी माना जाता है. हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, ज्यादा कोलेस्ट्रॉल, स्मोकिंग, मोटापा, दिल की बीमारी, शारीरिक गतिविधि की कमी और ज्यादा शराब पीना इसके बड़े कारण हैं.
सुबह दिखने वाले स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण
डॉक्टरों के मुताबिक, कई बार स्ट्रोक के संकेत सुबह उठते ही नजर आने लगते हैं. अगर चेहरे का एक हिस्सा ढीला या टेढ़ा लगे, मुस्कुराने पर चेहरा असमान दिखे तो सावधान हो जाएं. अचानक हाथ या पैर में कमजोरी, सुन्नपन या झनझनाहट, खासकर शरीर के एक तरफ, स्ट्रोक का बड़ा संकेत हो सकता है.
बोलने में अचानक दिक्कत होना भी खतरनाक संकेत है. शब्द साफ न निकलें, बात समझ में न आए या साधारण वाक्य दोहराने में परेशानी हो तो इसे हल्के में न लें. इसके अलावा अचानक आंखों से कम दिखना, डबल विज़न या एक आंख से बिल्कुल न दिखना भी स्ट्रोक की ओर इशारा करता है.
कुछ लोगों में सुबह-सुबह अचानक भ्रम की स्थिति, बात समझने में दिक्कत, संतुलन बिगड़ना या चलते समय लड़खड़ाना भी दिख सकता है. बुजुर्गों में ये लक्षण और भी हल्के हो सकते हैं, जैसे अचानक ज्यादा थकान, चुप्पी, व्यवहार में बदलाव या रोजमर्रा के काम करने में परेशानी.
FAST टेस्ट से पहचानें स्ट्रोक
डॉक्टर FAST टेस्ट अपनाने की सलाह देते हैं, इसमें-
F – Face- चेहरा टेढ़ा दिख रहा है?
A – Arm- एक हाथ उठाने में कमजोरी है?
S – Speech- बोलने में दिक्कत या आवाज लड़खड़ा रही है?
T – Time- एक भी लक्षण दिखे तो तुरंत इमरजेंसी कॉल करें.
क्यों जरूरी है तुरंत एक्शन?
स्ट्रोक में हर सेकंड कीमती होता है. जितनी जल्दी मरीज को अस्पताल पहुंचाया जाए, उतना ज्यादा ब्रेन डैमेज से बचाव संभव है. डॉक्टरों का कहना है कि सुबह दिखने वाले इन संकेतों को थकान, नींद की कमी या सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. अगर आपको या घर में किसी को सुबह उठते ही ऐसे लक्षण दिखें, तो देर न करें. तुरंत मेडिकल मदद लें, क्योंकि सही समय पर उठाया गया कदम जान बचा सकता है.
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