रिपब्लिक डे परेड 2026 और नेवल टेबल्यू का संदेश
रिपब्लिक डे परेड 2026 का नेवल टेबल्यू तीन बड़े संदेश देगा, जिसकी आवाज दिलना जैसी अधिकारी हैं,
- महिला सशक्तिकरण – नौसेना में महिलाएं अब भूमिका नहीं, नेतृत्व निभा रही हैं
- समान अवसर – पुरुष और महिला, दोनों के लिए एक जैसे मानक
- स्वदेशीकरण – भारत में बने युद्धपोत, आत्मनिर्भर रक्षा शक्ति
कौन हैं लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के?
लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना (Lt Cdr Dilna K) भारतीय नौसेना की एक बहादुर महिला अधिकारी हैं, जिन्होंने देश और विश्व स्तर पर ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं।
शुरुआती जीवन और नौसेना में प्रवेश
दिलना के का जन्म केरल के कोझिकोड में पैराम्बिल कड़ाव में हुआ था। उनके पिता लेफ्टिनेंट डेवडासन भारतीय सेना में सेवा करते थे, जिनका देहांत बाद में हो गया। उनकी मां का नाम रीजा है, जिन्होंने हमेशा दिलना के करियर को हमेशा समर्थन दिया।
उन्होंने काॅमर्स से स्नातक की डिग्री हासिल की। बाद में भारतीय नौसेना में प्रवेश लिया। दिलना बचपन से ही साहसी, चुनौतियों से डटकर सामना करने वाली थी। वे राष्ट्रीय स्तर की शूटिंग प्रतियोगिताओं में भाग ले चुकी हैं और नेशनल कैडेट कोर (NCC) में भी सक्रिय रहीं। वे उन चुनिंदा नौसेना अधिकारियों में हैं जिन्होंने खुले समुद्र को अपनी कर्मभूमि बनाया और यह साबित किया कि नेतृत्व लिंग नहीं, योग्यता देखता है।
करियर और नौसेवा
- जून 2014 में ज़ॉजिस्टिक्स (Logistics) ब्रांच में कमीशन प्राप्त किया।
- दिलना ने नौसेना की INSV Tarini नाव पर समुद्री अभियान और प्रशिक्षण अनुभव हासिल किया।
नविका सागर परिक्रमा में लिखा इतिहास
नविका सागर परिक्रमा भारतीय नौसेना का ऐतिहासिक समुद्री अभियान रहा। उन्होंने इस ऐतिहासिक समुद्री अभियान में हिस्सा लिया, जो भारतीय नौसेना का दूसरा “ऑल-वीमेन” विश्व भ्रमण मिशन था। जिसका उद्देश्य था,
- भारतीय महिला अधिकारियों की सहनशक्ति और समुद्री कौशल को परखना।
- दुनिया को दिखाना कि भारतीय नौसेना लैंगिक समानता को ज़मीन से समंदर तक निभाती है।
- दिलना के ने इस अभियान के ज़रिए लंबी समुद्री यात्रा, चुनौतीपूर्ण मौसम और तकनीकी जटिलताओं का सामना किया।
- उनके अनुभवों ने यह संदेश दिया कि डिफेंस करियर केवल ताक़त नहीं, धैर्य और टीमवर्क भी मांगता है।
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‘मन की बात’ में उल्लेख
जब प्रधानमंत्री ने मन की बात के 126वें एपिसोड में नविका सागर परिक्रमा का उल्लेख किया, तो यह एक मिशन की सफलता से आगे की बात थी। खुद दिलना के के शब्दों में,
- यह मंच पूरे देश तक संदेश पहुंचाने का माध्यम बना, ताकि युवा पीढ़ी रक्षा सेवाओं की ओर प्रेरित हो।
- यह स्वीकारोक्ति बताती है कि राष्ट्र न केवल उपलब्धि देखता है, बल्कि उसके प्रभाव को भी पहचानता है।
क्यों खास हैं लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के?
- समुद्री अभियानों में फ्रंटलाइन अनुभव
- महिला अधिकारियों के लिए रोल मॉडल
- युवाओं को रक्षा सेवाओं की ओर मोड़ने वाली प्रेरक आवाज़
- आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी रक्षा विज़न की प्रतिनिधि