अगर आप रात को सोते समय अपने स्मार्टफोन को स्विच ऑफ नहीं करते हैं तो ध्यान देने की जरूरत है. आप जब सो रहे होते हैं और आपका फोन स्टैंडबाय पर होता है तो यह लगातार डेटा सेंड और रिसीव करता रहता है. इसमें से कुछ डेटा जरूरी होता है, जिससे आपका फोन अपडेट रहता है और आपको फोन उठाते ही एकदम लेटेस्ट नोटिफिकेशन मिल जाती है, लेकिन कुछ ऐसा डेटा ट्रांसफर भी होता है, जिसकी जरूरत नहीं होती.
किस डेटा ट्रांसफर से चिंता?
स्मार्टफोन पूरे दिन में डेटा ट्रांसमिट करता रहता है. इसमें ऐसा डेटा भी शामिल होता है, जिसे यूजर की ट्रैकिंग और एडवरटाइजिंग आदि के लिए यूज किया जाता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह पर्सनल डेटा यूजर की सहमति के बिना ट्रांसफर नहीं होना चाहिए. इस डेटा में आपकी लोकेशन, डिवाइस इंफो, यूसेज पैटर्न और दूसरी कई इंफोर्मेशन शामिल होती हैं. भले ही आप रात में फोन यूज नहीं कर रहे हैं, लेकिन यह डेटा लगातार शेयर होता रहता है. इससे यूजर प्रोफाइलिंग होती है, जिससे विज्ञापन दिखाने के लिए यूज किया जाता है. पिछले साल कई बड़ी कंपनियों पर एंड्रॉयड यूजर्स की जासूसी करने के आरोप लगे थे. ऐसे भी मामले सामने आए हैं, जहां यूजर पहले दिन जिस सामान की बात कर रहा था, उसी से जुड़े विज्ञापन उसे अगले दिन देखने को मिले.
CG में चोरों का खेल – 2 करोड़ का रेलवे सामान चोरी, पटरी और हैवी मशीनरी भी ले गए
इससे कैसे बचें?
बैकग्राउंड डेटा शेयरिंग से बचने के लिए आपको इंस्टॉल्ड ऐप्स की परमिशन पर ध्यान देना चाहिए. दरअसल, कुछ ऐप्स गैरजरूरी परमिशन ले लेती है और फिर लगातार डेटा ट्रांसमिट करती रहती हैं. इससे बचने के लिए उन ऐप्स को जरूर रिव्यू करें, जिनके पास आपके माइक्रोफोन, कैमरा और ट्रैकिंग डेटा की परमिशन है. अगर आप यूज नहीं कर रहे हैं तो ऐसी ऐप्स को अनइंस्टॉल कर दें, जो लगातार बैकग्राउंड में एक्टिव रहती है. इसी तरह आप एंड्रॉयड और आईफोन पर बैकग्राउंड रिफ्रेश को डिसेबल कर सकते हैं.
Vishva News serves as the Editor of Vishva News, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering local, regional, and national developments.

