रायपुर : देश में एक बार फिर से बड़े पैमाने पर माओवादी सरेंडर कर सकते है। यह आत्मसमर्पण नए साल के पहले दिन यानी 1 जनवरी 2026 को हो सकता है। यह आत्मसमर्पण इसलिए भी बड़ा होगा क्योंकि हथियार डालने वाले किसी एक राज्य के नहीं बल्कि एमएमसी यानी महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के संयुक्त कमेटी के माओवादी सदस्य होंगे।
सरकार की सरेंडर नीति असरदार: नक्सलवाद की जड़ें कमजोर, बड़े सरेंडर से सिस्टम हिला
इसके संकेत एमएमसी प्रवक्ता और नक्सलियों के बड़े नेता अनंत की तरफ से मिली है। अनंत ने पिछले दिनों दो पन्ने का प्रेसनोट जारी करते हुए सरेंडर की इच्छा जाहिर की थी। उन्होंने पुलिस से 15 फरवरी तक एनकाउंटर रोकने की भी अपील की थी।
एमएमसी प्रवक्ता अनंत ने अपने मातहत माओवादियों से अपील किया है कि, वे अलग-अलग हथियार डालने के बजाये एक साथ समर्पण करें। इसा तरह तय है कि, नक्सली आत्मसमर्पण के लिए एक साथ पहुंचेंगे। नक्सल प्रवक्ता ने आपसी तालमेल और संपर्क के लिए मोबाइल नम्बर भी जारी किया है। हालांकि उनका कहना यह भी है कि, जिस प्रदेश की सरकार उन्हें ज्यादा तवज्जो देगी, वो उन्हीं के पास हथियार डालेंगे।
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