बिलाईगढ़- बिलाईगढ़ नगर पंचायत के पार्षद धनीराम देवांगन एक गंभीर सड़क दुर्घटना के बाद विवादों में घिर गए हैं। आरोप है कि उनके वाहन की टक्कर से एक नाबालिग बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद न सिर्फ पीड़ित परिवार, बल्कि स्थानीय जनता भी आक्रोशित है। घटना सोमवार देर शाम की बताई जा रही है, जब पार्षद धनीराम देवांगन एक निजी कार्यक्रम से लौट रहे थे। उसी दौरान तेज रफ्तार वाहन ने सड़क किनारे खड़ी 10 वर्षीय बच्ची को टक्कर मार दी। हादसे के तुरंत बाद
बच्ची को नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया,
जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पीड़ित परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हादसे के तुरंत बाद भी पार्षद ने किसी प्रकार की मानवीय संवेदना नहीं दिखाई। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्षद ने बच्ची को अस्पताल पहुंचाने के बजाय खुद को बचाने की कोशिश शुरू कर दी। उनके सहयोगी इलाज के नाम पर बहाने बनाते रहे और समय पर उचित चिकित्सा सहायता नहीं मिल पाई, जिससे बच्ची की जान चली गई।
समझौते के लिए पैसों का प्रस्ताव?
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जब बच्ची की मौत की पुष्टि हो गई, तब पार्षद पक्ष द्वारा परिजनों को चुप कराने की कोशिश भी की गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें मामले को रफा-दफा करने के लिए पैसे का लालच दिया गया। परिवार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे किसी भी कीमत पर बच्ची की मौत को राजनीतिक प्रभाव या पैसों के बल पर दबने नहीं देंगे। पीड़िता के पिता ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “हमारी बच्ची की जान चली गई, और ये लोग मुआवज़े की बात कर रहे हैं। क्या एक मासूम की जान की कीमत पैसों से तय होगी? हम न्याय चाहते हैं, न कि समझौता।”
आरोपी की गिरफ्तारी न होने से नाराज़गी दुर्घटना में शामिल वाहन को पुलिस ने जब्त कर लिया है और उसे थाने में रखा गया है। लेकिन अब तक आरोपी पार्षद की गिरफ्तारी नहीं हुई, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। कई लोगों का मानना है कि पार्षद का राजनीतिक रसूख उसकी गिरफ्तारी में बाधा बन रहा है। स्थानीय लोगों ने पुलिस पर भी सवाल खड़े किए हैं। लोगों का कहना है कि यदि कोई आम व्यक्ति इस तरह की घटना करता, तो पुलिस तुरंत गिरफ्तारी करती, लेकिन यहां राजनीतिक दबाव के चलते कार्रवाई नहीं हो रही है।
पुलिस का पक्ष
इस पूरे मामले पर बिलाईगढ़ थाना प्रभारी का कहना है कि घटना की जांच जारी है, और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने बच्ची के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है, और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी। थाना प्रभारी ने कहा, “हम किसी के दबाव में नहीं हैं। पीड़ित पक्ष की शिकायत दर्ज की जा चुकी है, और वाहन जब्त कर लिया गया है। जल्द ही आरोपी से पूछताछ की जाएगी और आवश्यक साक्ष्य एकत्र करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।” यह मामला अब सिर्फ एक दुर्घटना नहीं रहा, बल्कि इसमें राजनीतिक हस्तक्षेप और सत्ता के दुरुपयोग के आरोप भी जुड़ गए हैं। घटना की जानकारी फैलते ही स्थानीय सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कई संगठनों ने पार्षद की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
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