वाशिंगटन: अमेज़न के घने जंगलों से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ पहली बार आदिमानवों के एक झुंड को देखा गया है। इस घटना का वीडियो फुटेज भी सामने आया है, जिसमें ये लोग नग्न अवस्था में दिखाई दे रहे हैं और उनके हाथों में लकड़ी, पत्थर व अन्य प्राकृतिक धातुओं से बने हथियार नजर आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि अमेज़न के जंगलों में इससे पहले कभी भी इस तरह की किसी अनसंपर्कित जनजाति को नहीं देखा गया था। यह वीडियो सामने आने के बाद दुनियाभर के विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं में चर्चा तेज हो गई है।
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गहन जंगलों में छिपी दुर्लभ जनजाति
एक वीडियो फुटेज में देखा जा रहा है कि इस दुर्लभ जनजातियों का झुंड हथियार लिए है। ड्रोन देखने के बाद उन्होंने अपने हथियार नीचे कर दिए। इसके बाद खाने-पीने से भरी एक नाव से भेजी गई सामग्री को स्वीकार किया। अमेज़न वर्षावन के गहन जंगलों में छिपी इस अनसंपर्कित जनजाति का कभी नहीं देखा गया हाई-डेफिनिशन फुटेज सामने आया है, जो दुनिया भर में सनसनी फैला रहा है। अमेरिकी संरक्षणवादी और लेखक पॉल रोसोली ने पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के शो में यह दुर्लभ वीडियो साझा किया, जिसे उन्होंने इसे “विश्व में पहली बार” होना बताया है।
Never-before-seen footage of an UNCONTACTED Amazonian tribe
They lower their weapons when given a whole canoe of food pic.twitter.com/Z8KKtqOO2w
— RT (@RT_com) January 16, 2026
पेरू में अमेजन के वर्षाननों में दिखा अचंभित कर देने वाला नजारा
यह फुटेज पेरू के अमेज़न क्षेत्र में माशको पिरो जनजाति का माना जा रहा है, जो आधुनिक सभ्यता से पूरी तरह अलग-थलग रहती है। वीडियो में जनजाति के योद्धा तितलियों के बादल के बीच नदी तट पर सतर्कता से निकलते दिख रहे हैं। वे आगंतुकों को गौर से परखते हुए हाथों में धनुष-बाण और अन्य हथियार लिए हुए हैं। शुरुआत में तनावपूर्ण माहौल है और वे हमले की मुद्रा में हैं। रोसोली ने बताया कि वे उनकी बॉडी लैंग्वेज पर नजर रख रहे थे: “देखिए कैसे वे चलते हैं, कैसे इशारा करते हैं, एक व्यक्ति तीर चढ़ा रहा है।”
खाने से भरी नाव को सहज स्वीकारा
दुर्लभ जानजातियों के बीच जैसे-जैसे खाने से भरी बिना मोटर वाली एक नाव उनके पास पहुंची, उसको उन्होंने सहजता से स्वीकार किया। इसमें केले, गन्ना और अन्य फल थे। जनजाति के सदस्यों ने धीरे-धीरे अपने हथियार नीचे कर दिए। रोसोली ने कहा, “जैसे वे करीब आए, उन्होंने हथियार रखना शुरू कर दिया। देखिए, वह अपना धनुष-बाण नीचे रख रहा है। उनके अंदर पैदा हुआ यह विश्वास का एक नाजुक पल था, जहां हिंसा की बजाय जिज्ञासा और स्वीकृति दिखी। रोसोली दो दशकों से अमेज़न में काम कर रहे हैं और अपनी संस्था जंगलकीपर्स के माध्यम से 1.3 लाख एकड़ जंगल की रक्षा करते हैं।
जनजाति के एक सदस्य ने टीम से मांगे कपड़े
उन्होंने बताया कि जनजाति को कई नावों में फल दिया गया। बाद में एक सदस्य ने कपड़े मांगे, तो टीम ने शर्ट और पैंट देकर मदद की। यह फुटेज अनसंपर्कित जनजातियों की संवेदनशीलता और खतरे को रेखांकित करता है। अवैध लॉगिंग, खनन और बाहरी संपर्क से उनकी जमीन और संस्कृति खतरे में है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे संपर्क से बीमारियां फैल सकती हैं, जो उनकी आबादी को नष्ट कर सकती हैं। रोसोली ने जोर दिया कि इन जनजातियों को अलग रखना जरूरी है, ताकि वे अपनी इच्छा से जी सकें। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जहां लोग इसकी प्रामाणिकता और सुंदरता पर चर्चा कर रहे हैं। यह घटना अमेज़न की जैव-विविधता और आदिवासी अधिकारों की रक्षा की वैश्विक बहस को फिर से तेज कर रही है।
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