By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Vishva NewsVishva NewsVishva News
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • प्रमुख खबरें
  • जिला तैतीस (C.G.)
  • देश – विदेश
  • विश्व न्यूज पड़ताल
  • अपराध
  • खेल
  • महिला विशेष
Reading: ईरान में 1979 क्रांति के शहीदों की कब्रगाह को बनाया पार्किंग स्थल, मृतकों के सीने पर दौड़ेंगे वाहन
Share
Font ResizerAa
Vishva NewsVishva News
  • होम
  • प्रमुख खबरें
  • जिला तैतीस (C.G.)
  • देश – विदेश
  • विश्व न्यूज पड़ताल
  • अपराध
  • खेल
  • महिला विशेष
Search
  • होम
  • प्रमुख खबरें
  • जिला तैतीस (C.G.)
  • देश – विदेश
  • विश्व न्यूज पड़ताल
  • अपराध
  • खेल
  • महिला विशेष
Have an existing account? Sign In
Follow US
Vishva News > Blog > देश - विदेश > ईरान में 1979 क्रांति के शहीदों की कब्रगाह को बनाया पार्किंग स्थल, मृतकों के सीने पर दौड़ेंगे वाहन
देश - विदेश

ईरान में 1979 क्रांति के शहीदों की कब्रगाह को बनाया पार्किंग स्थल, मृतकों के सीने पर दौड़ेंगे वाहन

Vishva News
Last updated: 06/09/2025 5:15 PM
Vishva News
Published: 06/09/2025
Share
SHARE

दुबई: ईरान की राजधानी तेहरान में अब मुर्दों के सीने वाहनों के पहिये से रौंदे जाएंगे। यह कोई सामान्य मुर्दे नहीं हैं, बल्कि ईरान में 1979 की क्रांति में मारे गए लोग हैं, जिनकी कब्रगाह को अब सरकार ने पार्किंग स्थल में बदल दिया है। बता दें कि ईरान के सबसे बड़े कब्रिस्तान ‘बेहेश्त-ए-ज़हरा’ में मौजूद रेतीला भूभाग 1979 की इस्लामिक क्रांति का गवाह था। इस भूभाग को इस्लामिक क्रांति के दौरान मारे गए हजारों लोगों की अंतिम आरामगाह बनाया गया था। मगर अब इसको एक पार्किंग स्थल में तब्दील किया जा रहा है।

Contents
  • सैटेलाइट तस्वीरें आईं सामने
  • 1979 में हुई थी क्रूर क्रांति
  • यूएन के रिपोर्टर ने पूर्व में की थी कड़ी आलोचना
  • तेहरान के मेयर ने की है पार्किंग स्थल की पुष्टि
  • ईरान में क्या कहता है कानून
  • ईरान क्यों नष्ट करना चाहता है ऐतिहासिक सामूहिक कब्र

हाईप्रोफाइल ड्रग्स केस में बड़ा फैसला: नव्या मलिक और विधि अग्रवाल 15 सितंबर तक जेल भेजी गईं

सैटेलाइट तस्वीरें आईं सामने

‘लॉट 41’ नाम का यह हिस्सा लंबे समय से कैमरों की नजर में रहा है। मगर अब इसको डामर से ढका जा रहा है। Planet Labs PBC की उपग्रह तस्वीरों में दिखाया गया है कि इस क्षेत्र में पार्किंग बनाने का काम अगस्त की शुरुआत में आरंभ हो गया था। 18 अगस्त तक इसका आधा हिस्सा पक्के तौर पर ढक चुका था।

1979 में हुई थी क्रूर क्रांति

ईरान में 1979 में हुई इस क्रूर क्रांति के बाद नवगठित इस्लामिक शासन के विरोधियों को बंदूकों से मार दिया गया था और कुछ को फांसी पर लटकाकर दर्दनाक मौत की सजा दी गई थी। बाद में उन्हें इसी हिस्से में जल्दी-जल्दी दफना दिया गया था। अब इन कब्रों को नजरअंदाज कर दिए जाने और उनकी जगह पार्किंग बनाने के फैसले को “साक्ष्य मिटाने की एक कोशिश” बताया जा रहा है।

Bilaspur Crime : गणेश पंडाल के पास युवकों की गुंडागर्दी, चाकू मारकर युवक को किया घायल

यूएन के रिपोर्टर ने पूर्व में की थी कड़ी आलोचना

संयुक्त राष्ट्र के विशेष रिपोर्टर ने 2024 में ईरान द्वारा कब्रिस्तानों को नष्ट करने की कड़ी आलोचना की थी और इसे “कानूनी जवाबदेही से बचने की साज़िश” बताया गया था। एम्स्टर्डम विश्वविद्यालय के लेक्चरर शाहीन नासिरी ने कहा, “इस सेक्शन में अधिकांश कब्रों को अपवित्र कर दिया गया है, और वहां के पेड़ जानबूझकर सूखने दिए गए हैं। अब इसे पार्किंग में बदलना इस विनाश की अंतिम कड़ी है।”

तेहरान के मेयर ने की है पार्किंग स्थल की पुष्टि

ईरान में 1979 में हुई इस्लामिक क्रांति के बाद मारे गए लोगों की सामूहिक कब्रगाह पर पार्किंग स्थल बनाए जाने की पुष्टि पिछले हफ्ते तेहरान के एक डिप्टी मेयर दावूद गुदरज़ी और कब्रिस्तान के मैनेजर ने की थी। गुदरज़ी ने कहा, “यह वह स्थान है जहां क्रांति के शुरुआती दिनों में ‘मुनाफिक’ माने गए लोगों को दफनाया गया था। वर्षों से यह यूं ही पड़ा था, इसलिए अब इसे पार्किंग में बदला जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पार्किंग से सटे इलाके में ईरान-इज़राइल युद्ध (जून 2025) में मारे गए लोगों को दफनाया जाएगा। इस युद्ध में 1,060 से अधिक लोगों की मौत सरकारी आंकड़ों में दर्ज की गई है, जबकि कार्यकर्ताओं के मुताबिक यह संख्या 1,190 से भी अधिक है।

Raipur: ED ने आतंकी राजू खान की ₹6.34 लाख की संपत्ति अटैच की, SIMI-IM फंडिंग का खुलासा

ईरान में क्या कहता है कानून

ईरान के कानून के अनुसार 30 साल से अधिक पुराने कब्रिस्तानी स्थानों का पुनः उपयोग तभी किया जा सकता है जब मृतकों के परिवार सहमत हों, लेकिन लॉट 41 के मामले में ऐसा कोई सार्वजनिक सहमति पत्र सामने नहीं आया है। ईरानी वकील मोहनसिन बोर्हानी ने इस निर्णय को “नैतिक और कानूनी रूप से गलत” बताते हुए आलोचना की और कहा कि इस क्षेत्र में केवल राजनीतिक कैदी ही नहीं, बल्कि आम नागरिक भी दफन थे।

ईरान क्यों नष्ट करना चाहता है ऐतिहासिक सामूहिक कब्र

कहा जा रहा है कि यह कदम तेहरान की उस व्यापक नीति का हिस्सा लगता है, जिसमें ईरान ने 1988 की सामूहिक हत्याओं, बहा’ई समुदाय, और विरोध प्रदर्शनों (2009 ग्रीन मूवमेंट से लेकर 2022 महसा अमीनी आंदोलन तक) में मारे गए लोगों की कब्रों को भी नष्ट किया है। सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स इन ईरान के निदेशक हादी ग़ैमी कहते हैं, “ईरान में दशकों से अपराधों और मानवता के विरुद्ध अत्याचारों के लिए दंडमुक्ति की परंपरा चल रही है। 1980 के दशक की हत्याओं से लेकर 2019 और 2022 के प्रदर्शनों तक यह एक सिलसिला बन चुका है।” कहा जाता है कि लॉट 41 में 5,000 से 7,000 तक लोगों को दफनाया गया था, जिनमें वामपंथी, राजतंत्र समर्थक, धार्मिक अल्पसंख्यक और अन्य असंतुष्ट शामिल हैं।

Vishva News

Vishva News serves as the Editor of Vishva News, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering local, regional, and national developments.

Gold, Silver Rate Today: नए साल की शुरुआत में ही सोना-चांदी के दामों में नरमी, 1 जनवरी 2026 रेट अपडेट
Space News: चांद के गड्ढों में सैटेलाइट कबाड़ दफन करने की योजना, इस देश के वैज्ञानिकों ने शुरू की तैयारी
Shilpa Shetty – Raj Kundra की बढ़ीं मुश्किलें, जारी किया गया Lookout Notice, 60 करोड़ की धोखाधड़ी का है मामला
Vijay Rashmika Wedding: विजय देवरकोंडा–रश्मिका मंदाना की शादी तय! रॉयल पैलेस में होगा भव्य विवाह समारोह
अमेरिकी नागरिकों से ऑनलाइन ठगी, विदेश मंत्रालय तक पहुंचा मामला; जमशेदपुर साइबर अपराधियों पर शिकंजा
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Threads Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
जिला तैतीस (C.G.)

किशोरी के साथ रेप, गर्भवती होने पर फरार हुआ आरोपी, जंगल से अरेस्ट

Vishva News
Vishva News
03/08/2025
पीएम मोदी के जन्मदिवस पर सीएम साय ने किया ‘स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा’ का आगाज़
Abhinav Bindra से लेकर कपिल देव तक… RSS प्रमुख मोहन भागवत की लेक्चर सीरीज में शामिल होंगे दिग्गज
शराब घोटाला मामले में आरोपी पूर्व मंत्री कवासी लखमा आंखों के इलाज के लिए अस्पताल भर्ती
भारतीय शाही महिलाएं: पारंपरिक कला को संजीवनी देने वाली विरासत की सशक्त संरक्षक
  • प्रमुख खबरें
  • जिला तैतीस(C.G.)
  • देश - विदेश
  • विश्व न्यूज पड़ताल
  • उद्योग
  • अपराध
  • मनोरंजन
  • महिला विशेष

About US

विश्व न्यूज़ आपके लिए विश्वसनीय, निष्पक्ष और सशक्त समाचार लाता है। हम हर दृष्टिकोण को आवाज़ देने में विश्वास करते हैं, खासकर महिला उत्थान के लिए। उन दबे कुचले आवाज को समाज तक पहुंचना जो महिलाओं को प्रेरित और उत्साहित करती हैं।

Contact US

Editor – Vishva News
📞 Mobile: +91-8103404444, +91-9630465553
✉️ Email: vishvanews36@gmail.com
📍 Address: Near Life Care Hospital, Main Road, Telibandha, Raipur (C.G.)

Important Pages

  • Privacy Policy
  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
© Vishva News | Develop By Nimble Technology
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?