अगले कुछ सालों में आईफोन में ऐसा फीचर आ सकता है, जो आपकी अनकही बातों को समझने के साथ-साथ यह भी समझ सकेगा कि आपने गुस्से से कुछ कहा है या खुश होकर. यानी आपकी बातों के साथ-साथ आईफोन आपका चेहरा भी पढ़ लेगा और इमोशन भी समझ सकेगा. यह संभव हो सकेगा Q.ai की टेक्नोलॉजी से. Q.ai एक इजरायली स्टार्ट अप है, जो ऑडियो और सेंसिंग के लिए एआई पर काम करता है और अब ऐप्पल ने इसे एक्वायर कर लिया है.
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ऐप्पल ने खर्च किया इतना पैसा
ऐप्पल ने इस सौदे के लिए दी गई रकम की जानकारी नहीं दी है, लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि इस एक्विजेशन के लिए कंपनी ने 1.6 बिलियन डॉलर खर्च किए हैं. अभी ऐप्पल ने यह नहीं बताया है कि वह Q.ai की टेक्नोलॉजी को कैसे यूज करेगी, लेकिन यह साफ कर दिया है कि वह ऐसे तरीकों पर काम कर रही है, जिससे डिवाइस फुसफुसाहट को भी समझ सके और आउटडोर और शोर वाली जगहों पर भी ऑडियो क्वालिटी बेहतर हो सके.
Q.ai के पास है कमाल की टेक्नोलॉजी
Q.ai ने हाल ही में एक पेटेंट फाइल किया है. इसमें कंपनी ने एक ऐसी टेक्नोलॉजी के बारे में बताया है, जो बहुत धीमे से या फुसफुसाकर बोले गए शब्दों को समझने के लिए इंसान के चेहरे पर आए बदलावों को रीड कर सकती है. इसी तरीके को किसी व्यक्ति को पहचानने, उसके इमोशन, हार्ट रेट और ब्रीदिंग पैटर्न को समझने में इस्तेमाल किया जा सकता है. अगर आगे चलकर आईफोन में यह टेक्नोलॉजी इंटीग्रेट की जाती है तो ये यूजर को बेहतर तरीके से समझने के लिए उसके चेहरे के एक्सप्रेशन रीड कर सकती है.
ऑडियो एआई में बढ़ रहा है ऐप्पल का इंट्रेस्ट
पिछले कुछ समय से ऑडियो और सेंसिंग-बेस्ड एआई में ऐप्पल का इंट्रेस्ट बढ़ा है. पिछले साल कंपनी ने अपने एयरपॉड्स में नया फीचर जोड़ा था, जो रियल-टाइम लैंग्वैज ट्रांसलेशन को सपोर्ट करता है. इससे पता चलता है कि आने वाले समय में लोगों को इंटेलीजेंट और कॉन्टैक्स्ट-अवेयर डिवाइसेस देखने को मिलेंगे.
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