नई दिल्ली। दिवाली आते ही हर कर्मचारी के मन में सबसे बड़ा सवाल यही रहता है — “इस बार बोनस कितना मिलेगा?” कोई कंपनी गिफ्ट देती है, तो कोई कैश बोनस, लेकिन अब इन दोनों पर टैक्स नियमों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। सरकार ने साफ किया है कि बोनस और गिफ्ट्स पर टैक्स की गणना अलग-अलग तरीके से की जाएगी।
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गिफ्ट पर टैक्स: 5,000 रुपये तक फ्री!
अगर आपकी कंपनी दिवाली पर मिठाई का बॉक्स, कपड़े, गैजेट या कोई अन्य वस्तु देती है, जिसकी कीमत ₹5,000 तक है, तो उस पर कोई टैक्स नहीं देना होगा।
लेकिन अगर वही गिफ्ट ₹5,000 से ज़्यादा कीमत का है, तो उसकी पूरी वैल्यू आपकी इनकम में जुड़ जाएगी और उस पर उसी दर से टैक्स लगेगा, जैसे आपकी सैलरी पर लगता है।
बोनस पर टैक्स: सैलरी इनकम का हिस्सा
अगर कंपनी कैश में बोनस देती है, तो यह रकम आपकी सैलरी इनकम का हिस्सा मानी जाएगी।
उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी को ₹30,000 का बोनस मिला है, तो उसे अपनी वार्षिक इनकम में जोड़कर उसी हिसाब से टैक्स देना होगा। इस पर किसी तरह की अलग छूट नहीं मिलेगी।
अगर कोई कर्मचारी बोनस की राशि को ITR में नहीं दिखाता है, तो आयकर विभाग की ओर से नोटिस भी आ सकता है।
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नए टैक्स सिस्टम (New Tax Regime 2025) के तहत दरें
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₹0 से ₹4 लाख तक – कोई टैक्स नहीं
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₹4 लाख से ₹8 लाख तक – 5% टैक्स
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₹8 लाख से ₹12 लाख तक – 10% टैक्स
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₹12 लाख से ₹16 लाख तक – 15% टैक्स
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₹16 लाख से ₹20 लाख तक – 20% टैक्स
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₹20 लाख से ₹24 लाख तक – 25% टैक्स
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₹24 लाख से ऊपर – 30% टैक्स
नए टैक्स सिस्टम में ₹12 लाख तक की इनकम पर अब टैक्स नहीं लगेगा क्योंकि इसमें ₹60,000 तक की मानक छूट शामिल की गई है।
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