Martial Arts Master Dadi: जब ज़्यादातर लोग मानते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ रफ्तार कम हो जाती है, तब केरल की 82 वर्षीय मीनाकाशी अम्मा उस सोच को ध्वस्त करती नजर आती हैं। वह आज भारत की सबसे उम्रदराज महिला मार्शल आर्ट गुरु हैं। वह कलारीपयट्टू की गुरु हैं। मीनाक्षी अम्मा ने सिद्ध कर दिखाया कि उम्र कभी बाधा नहीं होती, अगर आपका जुनून और समर्पण सच्चा हो। वह खासकर महिलाओं के लिए एक प्रेरणास्त्रोत हैं, जो अपने अंदर की ताकत पहचानकर खुद को सशक्त बनाना चाहती हैं। उनका जीवन यह भी बताता है कि कलारीपयट्टु सिर्फ एक युद्धकला नहीं, बल्कि आत्मबल और आत्मरक्षा की संस्कृति है जिसे हर लड़की को सीखना चाहिए।
iPhone 17 का जुनून! देशभर में रातभर लगी लंबी कतारें, ग्राहकों ने घंटों इंतज़ार के बाद खरीदा नया फोन

कलारीपयट्टू क्या है?
कलारीपयट्टु को कलारी भी कहा जाता है, जो कि भारत की सबसे पुरानी मार्शल आर्ट है। इसके तलवार, लाठी और शरीर को चपलता का अद्भुत समन्वय होता है। इस मार्शल आर्ट की उत्पत्ति केरल में हुई थी। इसे सभी मार्शल आर्ट की जननी माना जाता है। इस कला का इतिहास 3000 साल से भी अधिक पुराना है। यह सिर्फ लड़ाई नहीं, बल्कि आत्मबल, अनुशासन और आत्मरक्षा की भी शिक्षा देती है।
मीना काशी अम्मा का सफर
तमिलनाडु के मदुरैई की रहने मीनाकाशी अम्मा ने मात्र 7 वर्ष की उम्र में अपने पिता के साथ कलारीपयट्टु को देखना शुरू किया। उस समय लड़कियों को यह कला सीखने की अनुमति नहीं थी, लेकिन अम्मा ने यह सोच तोड़ी। शादी के बाद भी मीनाक्षी अम्मा ने अभ्यास जारी रखा। उन्होंने अपने पति वासुदेवन गुरुकल के साथ मिलकर ‘कदथानदान कलारी संग्राम’ (Kadathanadan Kalari Sangham) नामक गुरुकुल की स्थापना की, जहां वे बच्चों और युवाओं को इस कला का प्रशिक्षण देने लगीं।
नहर किनारे हादसा: रिवर्स लेते समय पलटी जेसीबी, तेज बहाव में बहे दो लोग
इस दौरान उनके पति ने जातिगत भेदभाव झेला और दोनों ने मिलकर यह ठाना कि यह कला हर जाति-धर्म, लड़का-लड़की के लिए खुली होगी। पति के निधन के बाद भी उन्होंने गुरुकुल की जिम्मेदारी संभाली और आज 150 से अधिक छात्र उनके निर्देशन में प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं, जिनमें लड़के और लड़कियां समान रूप से शामिल हैं।
मीनाकाशी अम्मा की उपलब्धियां और सम्मान
भारत सरकार ने उन्हें पारंपरिक कला में योगदान के लिए साल 2027 में पद्मश्री सम्मान से नवाजा। देशभर में उन्होंने अपने छात्रों के साथ मिलकर 60 से अधिक प्रदर्शन किए हैं। मीनाक्षी अम्मा को आज लड़कियों के लिए आत्मरक्षा की रोल मॉडल के रूप में देखा जाता है।
Vishva News serves as the Editor of Vishva News, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering local, regional, and national developments.

