बमाको: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अफ्रीका के 2 गरीब देशों ने करारा जवाब दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, माली और बुर्किना फासो ने मंगलवार देर रात घोषणा की कि वे अमेरिकी नागरिकों को अपने देशों में आने से रोकेंगे। यह फैसला डोनाल्ड ट्रंप के उस निर्णय के जवाब में लिया गया है, जिसमें उन्होंने माली और बुर्किना फासो के नागरिकों को अमेरिका में आने पर प्रतिबंध लगा दिया था। यह घोषणा पश्चिम अफ्रीकी देशों के 2 विदेश मंत्रियों ने अलग-अलग बयानों में की। इससे पश्चिम अफ्रीकी सैन्य सरकारों और अमेरिका के बीच पहले से ही ठंडे रिश्तों में और तनाव आ गया है। बता दें कि माली और बुर्किना फासो दुनिया के सबसे गरीब देशों में शामिल हैं और यहां प्रति व्यक्ति आय 1200 डॉलर से भी कम है।
ट्रंप ने 16 दिसंबर को कई देशों के यात्रियों पर लगाया था बैन
बता दें कि 16 दिसंबर को ट्रंप ने पहले से लगे यात्रा प्रतिबंधों को बढ़ाते हुए 20 और देशों को इसमें शामिल किया था, जिनमें माली, बुर्किना फासो और नाइजर भी हैं। इन देशों में जंटा यानी कि सैन्य शासकों की सरकारें हैं और उन्होंने क्षेत्रीय समूह इकोनॉमिक कम्युनिटी ऑफ वेस्ट अफ्रीकन स्टेट्स से अलग होकर एक नई एसोसिएशन बना ली है। माली के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, ‘समानता के सिद्धांत के अनुसार, विदेश मंत्रालय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग मंत्रालय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सूचित करता है कि तत्काल प्रभाव से, माली गणराज्य की सरकार अमेरिकी नागरिकों पर वही शर्तें लागू करेगी, जो माली के नागरिकों पर लगाई गई हैं।’
बुर्किना फासो ने भी अमेरिकी यात्रियों पर लगाए प्रतिबंध
बुर्किना फासो के विदेश मंत्री करमोको जीन-मैरी ट्राओरे ने हस्ताक्षरित एक अन्य बयान में अमेरिकी नागरिकों पर बुर्किना फासो में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के लिए इसी तरह के कारण बताए। व्हाइट हाउस ने यात्रा प्रतिबंध लगाने के कारणों में सशस्त्र समूहों द्वारा लगातार हमलों का जिक्र किया। माली और बुर्किना फासो में सशस्त्र समूहों का प्रसार तेजी से बढ़ा है और दोनों देश इनसे निपटने में संघर्ष कर रहे हैं। सैन्य शासकों ने नागरिक सरकारों को उखाड़ फेंकने के बाद इन सशस्त्र समूहों से लड़ने का वादा किया था, क्योंकि असुरक्षा की वजह से पूरे क्षेत्र में अशांति फैली हुई है।
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