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Vishva News / Thu, Nov 27, 2025 / Post views : 13
इनमें बैंक ट्रांजेक्शन, डिजिटल पेमेंट रिकॉर्ड, व्हाट्सऐप चैट, ई-मेल संवाद और एडमिशन से जुड़े फर्जीवाड़े के अन्य साक्ष्य शामिल बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसी को शक है कि यह नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ है और करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार पिछले कई सालों से चल रहा था। ईडी का यह ऑपरेशन आने वाले दिनों में और भी विस्तृत हो सकता है, क्योंकि अभी कई संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की जानी बाकी है।
2025 बना भारत की बेटियों का साल, 30 दिन में तीन वर्ल्ड कप जीतकर बढ़ाया देश का मानकेंद्रीय एजेंसियों की इस संयुक्त कार्रवाई के बाद प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों पर निगरानी और अधिक सख्त होने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं इस तरह की कार्रवाइयों ने पारदर्शी मेडिकल शिक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवालों को भी फिर एक बार चर्चा में ला दिया है। ईडी ने अभी तक आधिकारिक प्रेस नोट जारी नहीं किया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, कई ठिकानों से बड़े पैमाने पर दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए गए हैं। जांच अभी जारी है और आने वाले समय में इस मामले में और बड़े खुलासों की संभावना है।
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