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: CG News : नेशनल हेराल्ड केस पर धमतरी में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, भाजपा कार्यालय घेराव के दौरान हुई झड़प

Vishva News / Thu, Dec 18, 2025 / Post views : 25

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धमतरी : नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर धमतरी में उस समय सियासी माहौल गरमा गया, जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालय का घेराव किया। घेराव के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हो गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बैरिकेडिंग करनी पड़ी। इसी अफरा-तफरी के बीच विधायक और पूर्व विधायक सड़क पर गिर गए, जिससे उन्हें हल्की चोटें आई हैं। धमतरी जिला कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता नेशनल हेराल्ड मामले में भाजपा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतरे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर के प्रमुख मार्गों से रैली निकालते हुए भाजपा कार्यालय की ओर कूच किया। बताया गया कि करीब 200 मीटर पहले से ही पुलिस बल तैनात था। जैसे ही रैली भाजपा कार्यालय के पास पहुंची, पुलिस ने लगभग 12 फीट ऊंचे बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया।

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बैरिकेड पर रुकने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। स्थिति उस समय और बिगड़ गई, जब घेराव के दौरान विधायक अम्बिका मरकाम और पूर्व विधायक लेखराम साहू का पैर पोस्टर और बैनर में फंस गया, जिससे वे सड़क पर गिर पड़े। इस घटना में दोनों नेताओं को हल्की चोटें आईं। मौके पर मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं और

पुलिसकर्मियों ने उन्हें तुरंत संभाला। जिला कांग्रेस अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर ने प्रदर्शन को लेकर कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में दर्ज एफआईआर को अदालत ने खारिज कर दिया है। उन्होंने इसे “सत्य की जीत” करार देते हुए कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को राजनीतिक प्रतिशोध के तहत वर्षों तक परेशान किया गया। चंद्राकर ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर कांग्रेस नेतृत्व को बदनाम करने की कोशिश की, लेकिन अदालत के फैसले ने सच्चाई सामने ला दी। विधायक ओंकार साहू ने कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को वर्ष 2012 से लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय द्वारा लगभग 12 वर्षों तक जांच और कार्रवाई के नाम पर कांग्रेस नेताओं को परेशान किया गया।

U19 Asia Cup 2025 : भारत बनाम श्रीलंका सेमीफाइनल, जानें कितने बजे शुरू होगा मुकाबला और किस चैनल पर देखें लाइव लेकिन जब मामला अदालत में गया तो उसे खारिज कर दिया गया। ओंकार साहू ने कहा कि भाजपा को यह बताने के लिए कि “सत्य की हमेशा जीत होती है”, कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में भाजपा कार्यालय का घेराव करने पहुंचे थे। गौरतलब है कि नेशनल हेराल्ड मामले की शुरुआत वर्ष 2012 में हुई थी, जब भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत पार्टी के अन्य नेताओं पर आरोप लगाए गए थे। स्वामी ने आरोप लगाया था कि घाटे में चल रहे नेशनल हेराल्ड अखबार की संपत्तियों पर कब्जा करने के लिए यंग इंडियन लिमिटेड नामक संस्था बनाई गई, जिसमें गांधी परिवार की बहुलांश हिस्सेदारी है। आरोपों के अनुसार, यंग इंडियन के जरिए नेशनल हेराल्ड का प्रकाशन करने वाली एजेएल (AJL) कंपनी का अधिग्रहण किया गया और दिल्ली के बहादुर शाह जफर मार्ग स्थित हेराल्ड हाउस की करीब ₹2000 करोड़ की संपत्ति पर कब्जा किया गया। दावा किया गया कि ₹2000 करोड़ की कंपनी को मात्र ₹50 लाख में हासिल किया गया। हालांकि, कांग्रेस का कहना है कि यह मामला पूरी तरह राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है और अदालत के फैसले ने भाजपा के आरोपों की पोल खोल दी है। प्रदर्शन के बाद धमतरी में पुलिस बल तैनात रहा और हालात को नियंत्रित कर लिया गया।

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