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: कस्टम मिलिंग घोटाला: EOW चार्जशीट में कारोबारी अनवर के करीबी दीपेन चावड़ा की साजिशों का खुलासा

Vishva News / Thu, Dec 11, 2025 / Post views : 18

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रायपुर : प्रदेश में हुए कस्टम मिलिंग घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) की जांच लगातार परतें खोल रही है. सरकारी अनाज की मिलिंग, परिवहन और बिलिंग से जुड़े इस घोटाले में करोड़ों रुपए की अवैध वसूली के जाल का संचालन कैसे होता था, इसकी गुत्थी सुलझ चुकी है. ईओडब्ल्यू ने मुख्य आरोपित धनवाद, झारखंड निवासी दीपेन चावड़ा के खिलाफ विस्तृत चालान दाखिल करते हुए उसके भूमिका को पूरे नेटवर्क का ’मुख्य कैश कलेक्शन एजेंट’ बताया है. आरोप पत्र में गवाह अंकुर पालीवाल और सूरज पवार ने बयान में बताया कि उन्हें फेसटाइम लोकेशन भेजकर रकम लेने भेजा जाता था. 3-4 दिनों के भीतर लगभग 20-22 करोड़ रुपये तक का कलेक्शन होता था. यह रकम लगभग 10 बार इकट्ठा की गई. सात बार सिद्धार्थ सिंघानिया से ली गई. रकम सीधे इंडियन चिल्ली गली में ले जाकर कारोबारी अनवर ढेबर के आदमी को दी जाती थी. शिफ्ट बदलने या ज्यादा रकम होने पर इसे तीन-चार लोगों में बांटा जाता था. चुनाव आयोग का बड़ा कदम: छत्तीसगढ़ समेत छह राज्यों में SIR की समयसीमा बढ़ी विश्वस्त व्यक्ति की भूमिका में था चावड़ा: आरोप पत्र में बताया गया है कि चावड़ा, घोटाले के मुख्य आरोपित अनवर ढेबर का भरोसेमंद आदमी था. अनवर के कहने पर पूरे राज्य में फैले स्थानों से करोड़ों रुपये की अवैध राशि की वसूली, उसके संचलन और सुरक्षित डिलीवरी का काम दीपेन संभालता था. रकम भेजने कोडवर्ड्स और फेसटाइम लोकेशन: दीपेन एक करोड़ रुपये तक नकद लेकर विभिन्न शहरों में जाता था. राशि प्रायः कार्टन, बैग, बोरे आदि में पैक रहती थी. रकम को भिलाई, दुर्ग, रावाभाठा, खुर्सीपार, कोटा रोड और वीआइपी एरिया तक में छोड़ने जाता था. रकम खोलकर गिनने की जिम्मेदारी उसकी नहीं होती थी. उसे सिर्फ सुरक्षित डिलीवरी करनी होती थी. रकम लेने-देने के लिए उसे कोडवर्ड्स और फेसटाइम लोकेशन भेजी जाती थी. कलेक्शन पाइंट अलग-अलग जगह: चावड़ा के बयान के अनुसार, दो प्रमुख स्थान थे जहां वह रकम प्राप्त करता था. इंडियन चिली स्क्वायर गली, शंकर नगर अनवर ढेबर के आदमी यहां कार लेकर आते थे. वेलिंगटन कोर्ट होटल की पार्किंग, जहां विकास अग्रवाल (सुब्बू) के लोग रकम सौंपते थे. इन दोनों स्थानों का उपयोग सुरक्षा और लो-प्रोफाइल कवर बनाए रखने के लिए किया जाता था. Man Kaur: 100 की उम्र में 100 से ज्यादा मेडल जीतने वाली मन कौर ने बुजुर्गों के लिए उदाहरण पेश किया तीन ने बनाई घोटाले की योजना: ईओडब्ल्यू का दावा है है कि कस्टम मिलिंग घोटाले की प्लानिंग रामगोपाल अग्रवाल, अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा ने रची थी. तीनों ने पहले रोशन चंद्राकर को एसोसिएशन में पद दिलाया और उसके माध्यम से वसूली शुरू कराई. एसोसिएशन को प्रोत्साहन राशि बढ़ाने के लिए आगे किया गया. सीएम हाउस में इसकी बैठक हुई, जिसमें कई अधिकारी मौजूद थे. बैठक में कस्टम मिलिंग की प्रोत्साहन राशि 40 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 120 रुपये प्रति क्विंटल करने का फैसला लिया गया. मोबाइल जांच के बाद राजफाश: जांच में राजफाश हुआ है कि सीएसपीडीसीएल का एमडी बनने दीपेन को दिए 13 करोड़ दीपेन सहित अन्य के मोबाइल की जांच के दौरान राजफाश हुआ है कि सीएसपीडीसीएल का एमडी बनने के लिए अशोक कुमार ने दीपेन के माध्यम से अनवर ढेबर और रिटायर्ड आइएएस अनिल टुटेजा को 13 करोड़ रुपये भिजवाए. दीपेन पैसा लेने उनके घर गया और बोरियों में रकम लेकर आया. इसके बाद अशोक की पोस्टिंग हुई. एजेंसी ने चैट रिकवर कर ली है. एजेंसी का दावा है कि पिछली सरकार में ट्रांसफर-पोस्टिंग में जमकर वसूली हुई थी.

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