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: मूर्तिकार डॉ. अंकुश देवांगन की कमाल की कला! चने के दाने जितनी मोदी जी की सूक्ष्म मूर्ति देख चकित हुए मुख्यमंत्री

Vishva News / Mon, Nov 24, 2025 / Post views : 31

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भिलाई : सुप्रसिद्ध मूर्तिकार डॉ. अंकुश देवांगन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मात्र चने के दाने के बराबर छोटी मूर्ति बनाकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष प्रदर्शित की है। जिसे वे मोदी जी के छत्तीसगढ़ आगमन पर उन्हें भेंट देना चाहते हैं। मुख्यमंत्री उनकी सूक्ष्मकला को देखकर अचंभित रह गए और उन्हें प्रधानमंत्री से मिलवाने का वादा किया है।

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ज्ञात हो कि भिलाई इस्पात संयंत्र, मेडिकल विभाग के जन्म मृत्यु कार्यालय में पदस्थ अंकुश देवांगन सूक्ष्मकला बनाने में माहिर हैं। मोदी जी की आधे सेंटीमीटर छोटी इस मूर्ति को उन्होंने संगमरमर पत्थर को तराशकर डेढ़ माह की कठिन मेहनत से तैयार की है। यही नहीं उन्होंने इस मूर्ति को कमल के फूल पर विराजमान करके उसके पीछे राम मंदिर की भव्य झांकी भी बनाई है। नौकरी के व्यस्ततम क्षणों के बाद वे घर जाकर अपनी कलासाधना को अंजाम देते हैं। उनके द्वारा बनाई गई दुनिया की सबसे छोटी भगवान गणेश की प्रतिमा तो चांवल के दाने से भी सौ गुनी छोटी है।

Chhattisgarh: गद्दे बनाने वाली फैक्ट्री में लगी भीषण आग, लाखों का सामान जलकर राख जिसे लिम्का बुक ऑफ द वर्ल्ड रिकॉर्ड में लिया गया है। वे भारत में 500 से ज्यादा और सात समंदर पार इंग्लैंड में भी अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके हैं। वे सिर्फ सूक्ष्म मूर्तियां या चावल के दोनों पर पेंटिंग ही नहीं बनाते बल्कि विशाल से विशालतम प्रतिमा बनाने में भी महारत रखते हैं। सिविक सेंटर में कृष्ण अर्जुन रथ, रुआबांधा में पंथी चौक, भिलाई निवास में नटराज, सेक्टर 1 में श्रमवीर चौक, सुनीति उद्यान सेक्टर 8 में एथिक्स मूर्तियां, बोरिया गेट में प्रधानमंत्री ट्रॉफी चौक, 200 मिलियन मान्यूमेंट, दल्ली राजहरा में छः मंजिली इमारत जितना विशाल दुनिया का सबसे बड़ा लौहरथ, मदकूद्वीप में मांडूक्य ऋषि, दुर्गापुर स्टील प्लांट में सैकड़ो प्रतिमाएं, राजभवन भोपाल, तथा सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय क्राफ्ट मेला हरियाणा में अनेकानेक मूर्तियां बनाकर उन्होंने भिलाई इस्पात संयंत्र का नाम रोशन किया है। उनकी कलासाधना को देखकर केंद्र सरकार, भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने उन्हें स्वस्फूर्त ललित कला अकादमी, नई दिल्ली का मानद सदस्य बनाया है। जहां वे छत्तीसगढ़ राज्य से प्रथम कलाकार हैं जो इसके बोर्ड मेंबर बने हैं।

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