Thu, 06 Aug
--°C ...
Logo

ब्रेकिंग

8वीं के छात्र से 100-100 बार गंदी गाली लिखवाई, अभिभावकों के सिग्नेचर भी मांगे; जांच के आदेश

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शिलांग कोर्ट में किया आत्मसमर्पण, अब जेल में रहकर चलेगा ट्रायल

सप्लाई बाधित होने की आशंका से बढ़ी चिंता, भारत में सिलेंडर कीमतों पर पड़ सकता है असर

साथी का मोबाइल चुराकर बनाई नई UPI ID, ऑनलाइन गेमिंग की लत में गंवाई पूरी रकम

अभनपुर के लखना गांव में सनसनी, हत्या की आशंका; पहचान में जुटी पुलिस

सस्ते टूर पैकेज के झांसे में फंसाकर मांगी 1.20 करोड़ की फिरौती, 5 भारतीय गिरफ्तार

कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, मरम्मत, शौचालय, वाहन स्टैंड और ट्रांसफार्मर की मांग

नाले में कार बहने के बाद चला लगातार रेस्क्यू, विशेषज्ञ गोताखोरों ने बरामद किए शव

रोज 10 मरीज अस्पताल पहुंच रहे, स्टाफ की कमी और डीडीटी छिड़काव नहीं होने से बढ़ी चिंता

महेंद्रा ट्रेवल्स की बस हादसे का शिकार, 10–12 यात्री घायल; पुलिस जांच में जुटी

सूचना

hello php

: UGC की कड़ी कार्रवाई: 54 विश्वविद्यालयों को नोटिस, छत्तीसगढ़ के 3 विश्वविद्यालय भी सूची में

Share:
रायपुर :  विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने कई राज्यों के 54 निजी विश्वविद्यालयों की एक सूची सार्वजनिक की है, जिन्होंने UGC अधिनियम, 1956 की धारा 13 के तहत मांगी गई जानकारी न तो आयोग को भेजी और न ही अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक की। इस सूची में छत्तीसगढ़ के तीन प्रमुख निजी विश्वविद्यालय — अंजनेया विश्वविद्यालय, रायपुर, देव संस्कृति विश्वविद्यालय, संकरा कुम्हारी, और महर्षि प्रबंधन एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, बिलासपुर — भी शामिल हैं। CG News : महिला गिरफ्तार, 8 लाख नकदी और नशीली दवाओं के साथ पुलिस ने की छापेमारी

नहीं दे सके जरूरी जानकारी

आयोग ने 10 जून 2024 को सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को निर्देशित किया था कि वे अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक स्व-प्रकटन (Public Self-Disclosure) से जुड़ी जानकारी होमपेज पर अपलोड करें ताकि छात्रों और अभिभावकों को पारदर्शी जानकारी मिल सके। साथ ही, निरीक्षण हेतु आवश्यक दस्तावेज निर्धारित प्रारूप में आयोग को भेजना भी अनिवार्य था। CG में 3 वर्षीय आदिवासी बच्ची से दुष्कर्म, आरोपी पुलिस हिरासत में  इसके बावजूद इन विश्वविद्यालयों ने निर्देशों की अनदेखी की, जिसके चलते अब इन पर नियामकीय कार्रवाई की आशंका गहराती जा रही है। आयोग ने पहले कई बार ईमेल और ऑनलाइन मीटिंग्स के जरिए अनुस्मारक भेजे थे, लेकिन अपेक्षित जवाब न मिलने पर अब इन विश्वविद्यालयों को सार्वजनिक रूप से चिह्नित कर लिया गया है।

Tags :

Share News:

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

Related Posts