Thu, 13 Aug
--°C ...
Logo

ब्रेकिंग

8वीं के छात्र से 100-100 बार गंदी गाली लिखवाई, अभिभावकों के सिग्नेचर भी मांगे; जांच के आदेश

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शिलांग कोर्ट में किया आत्मसमर्पण, अब जेल में रहकर चलेगा ट्रायल

सप्लाई बाधित होने की आशंका से बढ़ी चिंता, भारत में सिलेंडर कीमतों पर पड़ सकता है असर

साथी का मोबाइल चुराकर बनाई नई UPI ID, ऑनलाइन गेमिंग की लत में गंवाई पूरी रकम

अभनपुर के लखना गांव में सनसनी, हत्या की आशंका; पहचान में जुटी पुलिस

सस्ते टूर पैकेज के झांसे में फंसाकर मांगी 1.20 करोड़ की फिरौती, 5 भारतीय गिरफ्तार

कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, मरम्मत, शौचालय, वाहन स्टैंड और ट्रांसफार्मर की मांग

नाले में कार बहने के बाद चला लगातार रेस्क्यू, विशेषज्ञ गोताखोरों ने बरामद किए शव

रोज 10 मरीज अस्पताल पहुंच रहे, स्टाफ की कमी और डीडीटी छिड़काव नहीं होने से बढ़ी चिंता

महेंद्रा ट्रेवल्स की बस हादसे का शिकार, 10–12 यात्री घायल; पुलिस जांच में जुटी

सूचना

hello php

: कूप कटिंग का विरोध: ग्रामीणों ने वन विभाग के कर्मचारियों को रोका, स्थिति तनावपूर्ण

Vishva News / Wed, Dec 10, 2025 / Post views : 19

Share:
कोरबा : जिले में कूप कटिंग को लेकर ग्रामीणों का विरोध एक बार फिर तेज हो गया है। बुधवार सुबह कोलगा गांव के ग्रामीणों ने जंगल में पहुंचकर कूप कटिंग का काम रुकवा दिया। इस दौरान ग्रामीणों और वन विभाग के कर्मचारियों के बीच आमने-सामने की स्थिति बन गई। Karishma Kapoor के दीवाने थे ‘धुरंधर’ स्टार… शादी में सरेआम चूमे थे Actress के हाथ, देखती रह गई थी महफिल

ग्रामीणों का कड़ा विरोध, मजदूर और कर्मचारी वापस लौटे

पसरखेत वन परिक्षेत्र के गुफा एरिया, बांधा पतरा, ढोंड़टिकरा और मोहनपुर के जंगलों में आज करीब 40 मजदूर कूप कटिंग का काम कर रहे थे। इसी बीच कोलगा के बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जिनमें अधिकांश महिलाएं थीं। इस दौरान उन्होंने कूप कटिंग का विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए वन अमला और मजदूर मौके से वापस लौट गए। ICC ODI Rankings: विराट कोहली ने रैंकिंग में मारी लंबी छलांग, रोहित शर्मा के लिए बनीं चुनौती  स्थिति बिगड़ने की आशंका के चलते उन्होंने वहां रुकना ठीक नहीं समझा। वहीं ग्रामीणों ने पेड़ कटाई में उपयोग हो रहे करीब 40 कुल्हाड़ियों के साथ अन्य औजारों को भी कब्जे में ले लिया। कोरबा वनमंडल की डीएफओ प्रेमलता यादव ने कहा कि ग्रामीणों का काम बंद कराना उचित नहीं है। उनके अनुसार ग्रामीणों की ओर से अब तक कोई मौखिक या लिखित मांग पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि मामले में जानकारी लेते हुए चर्चा उपरांत निराकरण का प्रयास किया जाएगा।

Tags :

Share News:

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

Related Posts