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: Dr Madhuri Kanitkar: पहली महिला थ्री-स्टार जनरल, फौज और सेवा में रचा इतिहास

Vishva News / Wed, Oct 1, 2025 / Post views : 24

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Lieutenant General Dr madhuri Kanitkar: लेफ्टिनेंट जनरल का पद सशस्त्र बलों में दूसरी सबसे उच्चतम रैंक होती है। इस पद तक अब तक भारत की तीन महिलाएं ही पहुंच सकी हैं। पहली भारतीय नौसेना की वाइस एडमिरल डाॅ. पुनीता अरोड़ा थीं जिन्होंने इस थ्री स्टार रैंक को हासिल कर महिलाओं को उच्चतम पद तक पहुंचने की प्रेरणा दी। उसके बाद एयरफोर्स की पहली महिला एयर मार्शल रहीं पद्मावती बंदोपध्याय की पदोन्नति आर्म्ड फोर्स की दूसरी सबसे ऊंची रैंक पर हुई। वहीं लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर नियुक्त होने वाली तीसरी महिला डाॅ. माधुरी कानिटकर हैं। थर्मल प्लांट हादसा: 30 फीट ऊँचाई से गिरा आर्च, 9 मजदूरों की दर्दनाक मौत
भारतीय सेना की उच्चतम रैंकों में गिनी जाने वाली डॉ. माधुरी कानिटकर एक ऐसा नाम हैं, जो साहस, सेवा और समर्पण की मिसाल बन चुकी हैं। वह भारतीय सेना की तीसरी महिला लेफ्टिनेंट जनरल बनने का गौरव प्राप्त कर चुकी हैं। डॉ. माधुरी कानिटकर सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि सभी भारतीय महिलाओं के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने यह साबित किया कि वर्दी हो या सेवा, महिलाएं हर क्षेत्र में शीर्ष पर पहुंच सकती हैं। आज वह युवा बेटियों और बेटों के लिए एक आदर्श रोल मॉडल हैं। आइए जानते हैं तीसरी महिला लेफ्टिनेंट जनरल डाॅ. माधुरी कानिटकर के बारे में।
डाॅ. माधुरी कानिटकर का जीवन परिचय
डॉ. माधुरी कानिटकर का जन्म महाराष्ट्र में हुआ। वह कॉलेज ऑफ डिफेंस मैनेजमेंट और नेशनल डिफेंस कॉलेज जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की छात्रा रही हैं। उन्होंने पुणे के आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कॉलेज (AFMC) से एमबीबीएस किया और कॉलेज में टॉपर रहीं। इसके बाद उन्होंने पीडियाट्रिक्स और पीडियाट्रिक नेफ्रोलॉजी जो कि बच्चों की किडनी से जुड़ी बीमारियां हैं, में विशेषज्ञता हासिल की। उनके पति राजीव कानिटकर भी सेना में लेफ्टिनेंट जनरल रह चुके हैं। यह दंपती भारतीय सेना का पहला ऐसा कपल है जिसे एक ही रैंक मिला।
डाॅ. माधुरी कानिटकर का करियर एक डॉक्टर, सैन्य अधिकारी और शिक्षिका रहीं डॉ. माधुरी कानिटकर का सेना में करियर 37 वर्षों से भी ज्यादा लंबा रहा है। उन्होंने सेना में चिकित्सक के रूप में न केवल मरीजों का उपचार किया, बल्कि मेडिकल एजुकेशन और मिलिट्री मैनेजमेंट में भी प्रमुख भूमिका निभाई। सेना में रहते हुए उन्होंने AFMC की डीन के रूप में भी कार्य किया।
साल 2020 में उन्हें लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर प्रमोट किया गया, जिससे वे भारतीय सेना की तीसरी महिला अधिकारी बन गईं, जिन्हें यह रैंक मिला हो। इससे पहले यह उपलब्धि पद्मावती बंदोपाध्याय और पुनिता अरोड़ा को मिल चुकी थी। डॉ. कानिटकर ने यह भी सिद्ध किया कि महिलाएं सेना के किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं चाहे वह मैडिकल कोर हो या उच्चतम रणनीतिक निर्णय। सम्मान और योगदान
वह अपने करियर में आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कॉलेज की पहली महिला डीन बनीं। उन्हें भारत सरकार द्वारा कई अवसरों पर सम्मानित किया गया। बाल चिकित्सा में डाॅ. माधुरी का उल्लेखनीय योगदान रहा है।

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