Thu, 30 Jul
--°C ...
Logo

ब्रेकिंग

8वीं के छात्र से 100-100 बार गंदी गाली लिखवाई, अभिभावकों के सिग्नेचर भी मांगे; जांच के आदेश

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शिलांग कोर्ट में किया आत्मसमर्पण, अब जेल में रहकर चलेगा ट्रायल

सप्लाई बाधित होने की आशंका से बढ़ी चिंता, भारत में सिलेंडर कीमतों पर पड़ सकता है असर

साथी का मोबाइल चुराकर बनाई नई UPI ID, ऑनलाइन गेमिंग की लत में गंवाई पूरी रकम

अभनपुर के लखना गांव में सनसनी, हत्या की आशंका; पहचान में जुटी पुलिस

सस्ते टूर पैकेज के झांसे में फंसाकर मांगी 1.20 करोड़ की फिरौती, 5 भारतीय गिरफ्तार

कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, मरम्मत, शौचालय, वाहन स्टैंड और ट्रांसफार्मर की मांग

नाले में कार बहने के बाद चला लगातार रेस्क्यू, विशेषज्ञ गोताखोरों ने बरामद किए शव

रोज 10 मरीज अस्पताल पहुंच रहे, स्टाफ की कमी और डीडीटी छिड़काव नहीं होने से बढ़ी चिंता

महेंद्रा ट्रेवल्स की बस हादसे का शिकार, 10–12 यात्री घायल; पुलिस जांच में जुटी

सूचना

hello php

: इडली अम्मा कमलाथल: स्वाद के साथ समाज को अपनापन और आत्मीयता देने वाली प्रेरक कहानी

Vishva News / Tue, Sep 16, 2025 / Post views : 25

Share:
Kamalathal known As Idli Amma : तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले की एक 89 वर्षीय बुजुर्ग महिला कमलाथल को लोग प्यार से इडली अम्मा कहते हैं। इडली अम्मा ने अपने जीवन के पिछले तीन दशक समाज की सेवा में समर्पित कर दिए हैं। उनका लक्ष्य कभी पैसा कमाना नहीं रहा, बल्कि भूखे को सस्ता और पौष्टिक भोजन देना रहा है। जहां आज एक इडली की कीमत 10-20 रुपये हो चुकी है, वहीं कमलाथल आज भी सिर्फ एक रुपये में इडली बेचती हैं और वो भी ताजी, गरमा-गरम और चटनी के साथ। Chhattisgarh : शराब पीकर बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान 2 युवकों की मौत; गुस्साए परिजनों ने किया चक्काजाम इडली अम्मा कमलाथल की कहानी सिर्फ इडली बेचने की नहीं, बल्कि समाज को अपनापन और आत्मीयता देने की कहानी है। उन्होंने ये साबित किया कि बिना ब्रांड, बिना शोहरत और बिना लालच के भी कोई दिल जीत सकता है। सिर्फ 1 रुपये में इडली, 30 वर्षों से कमलाथल का जीवन पैसा कमाने की होड़ से कोसों दूर है। वाडी वेलमपलायम गांव की इस महिला का मिशन है, गरीब मजदूरों को सस्ती, सेहतमंद और स्वादिष्ट इडली देना। वह हर सुबह 5 बजे उठकर खुद खाना बनाती हैं और 6 बजे से दुकान खोल देती हैं। बिना ब्रांड, बिना सोशल मीडिया  कमलाथल के पास न कोई सोशल मीडिया है, न प्रचार का जरिया। फिर भी उनकी सादगी और सेवा भावना ने पूरे देश को उनका फैन बना दिया है। बोलुवमपट्टी, पूलुवमपट्टी और मथीपलायम जैसे गांवों से लोग रोज उनकी दुकान पर आते हैं। Sachin Pilot On Vote Theft :  सचिन पायलट का छत्तीसगढ़ दौरा, 8 जिलों में चलाएंगे ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ अभियान लकड़ी से गैस तक का सफर कई वर्षों तक उन्होंने लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाया। लेकिन जब आनंद महिंद्रा ने उनकी कहानी देखी तो उन्होंने LPG गैस, किचन सेट और बाद में नया घर तक गिफ्ट किया। भारत पेट्रोलियम ने ग्राइंडर और कनेक्शन देकर उनका काम आसान बनाया। कोरोना में भी रुकी नहीं सेवा कोविड जैसे संकट में भी जब कई दुकानें बंद थीं, तब भी इडली अम्मा रोज गरीबों के लिए इडली बनाती रहीं। उनकी दुकान जरूरतमंदों के लिए भोजनालय बन गई थी। कमलाथल बताती हैं कि “मुनाफे के लिए नहीं, मन की संतुष्टि के लिए काम करो।” उनकी कहानी आज की पीढ़ी को यह सिखाती है कि नाम कमाने के लिए बड़ी कंपनी नहीं, बड़ा दिल होना चाहिए।

Tags :

Share News:

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें