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: शादी के बाद नौकरी: जानिए महिलाओं के लिए करियर जारी रखने के फायदे और चुनौतियां

Vishva News / Mon, Sep 29, 2025 / Post views : 23

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Challenges Working Women Face After Marriage: आजकल महिलाएं सिर्फ घर-परिवार संभालने तक सीमित नहीं हैं। अभिभावक अपनी बेटियों को बेटों के बराबर ही पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं और शिक्षा की ओर अग्रसर कर रहे हैं। लड़कियां भी अपने करियर पर फोकस करने के साथ ही आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं लेकिन जैसे ही उनकी शादी होती है, समाज, परंपरा और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच झूलती महिला को अक्सर अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष का सामना करना पड़ जाता है। पति बना हैवान: नशे में पति ने पत्नी की बेरहमी से की हत्या, नींद से जागते ही खुद भी रह गया सन्न…  भारत में आज भी कई घरों में ये सवाल पूछा जाता है 'क्या शादी के बाद लड़की को नौकरी करनी चाहिए?' विकसित सोच के साथ समाज व ससुराल वाले महिलाओं के शादी के बाद नौकरी करने के फैसले को समर्थन देने लगे हैं। लड़कियां भी शादी के बाद भी अपने करियर पर फोकस करना चाहती हैं लेकिन क्या है संभव है। हर लड़की को पता होना चाहिए कि शादी के बाद नौकरी करने पर उनके सामने क्या चुनौतियां आ सकती हैं। नौकरी के फायदे बहुत हैं लेकिन एक शादीशुदा महिला के लिए फायदों के साथ ही चुनौतियों को समझना भी जरूरी है ताकि वह पहले से हर चुनौती का सामना करने के लिए अपने आप को तैयार कर पाएं। इस लेख से जानिए शादी के बाद महिला के काम करने के क्या फायदे हैं, और इस रास्ते में कौन सी बड़ी चुनौतियां सामने आती हैं। शादीशुदा महिला के लिए नौकरी के फायदे
  • नौकरी हर व्यक्ति चाहे वह महिला हो या पुरुष को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक है। नौकरी करने से शादीशुदा महिलाओं में आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास बढ़ता है। उनकी आत्मछवि मजबूत होती है और वे अपने निर्णय खुद लेने में सक्षम हो पाती हैं।
  • महिला के नौकरी करने से घर में दोहरी कमाई हो पाती है। पति के साथ पत्नी भी कमाती है। दोहरी कमाई से परिवार पर आर्थिक बोझ कम होता है और महिला अपनी पसंद के अनुसार खर्च भी कर सकती है। नौकरीपेशा पत्नी परिवार में आर्थिक सहयोग देने के साथ ही आर्थिक तौर पर स्वतंत्र भी होती है।
  • नौकरीपेशा महिलाएं अपने बच्चों के लिए रोल मॉडल बनती हैं। कामकाजी मां बच्चों को मेहनत, अनुशासन और संतुलन का पाठ पढ़ाती हैं।
  • नौकरी करने से महिला केवल घर तक सीमित नहीं रहती, बल्कि समाज में एक योगदानकर्ता के रूप में देखी जाती है। इससे नौकरीपेशा महिला को समाज में पहचान और सम्मान मिलता है।
  • शादी के बाद नौकरी करने से महिलाओं को अपनी शिक्षा, हुनर और टैलेंट को इस्तेमाल करने का मौका मिलता है, जिससे उसका आत्मविकास होता है।
नौकरीपेशा शादीशुदा महिलाओं की चुनौतियां  संतुलन की चुनौती शादी से पहले लड़कियों के लिए नौकरी करना आसान होता है, क्योंकि उन पर सिर्फ काम की जिम्मेदारी होती है। लेकिन एक शादीशुदा महिला पर घरेलू जिम्मेदारियां भी होती हैं। ऐसे सें शादीशुदा महिला के लिए घरेलू काम और दफ्तर के काम के बीच संतुलन बनाना चुनौती होता है। ऑफिस और घर दोनों को संभालना मानसिक और शारीरिक थकावट ला सकता है। परिवार का असहयोग कई बार ससुराल या पति की तरफ से काम करने को लेकर विरोध होता है। महिला पर नौकरी छोड़ने का दबाव बनाया जा सकता है। अगर ससुराल वाले नौकरी करने की इजाजत दे भी देते हैं तो परिवार और काम के बीच संतुलन बनाने में महिला की मदद नहीं करते और उसे ये सब अकेले संभालने पर विवश कर देते हैं। India refuse to accept trophy: टीम इंडिया ने बिना ट्रॉफी के सेलिब्रेट की एशिया कप की जीत, नकवी और पाकिस्तान की हुई घनघोर बेइज्जती समय प्रबंधन में कठिनाई शादीशुदा महिला जो घर और दफ्तर दोनों की जिम्मेदारी निभा रही होती है, कई बार उस के लिए बच्चों, पति, ऑफिस और खुद के लिए समय निकालना मुश्किल हो सकता है। उनकी जीवनशैली आम गृहणियों या नौकरीपेशा पुरुषों से ज्यादा व्यस्त हो जाती है। करियर में रुकावट या ब्रेक जो भी महिलाएं शादी के बाद नौकरी करने की इच्छा रखती हैं, उन्हें ये भी पता होना चाहिए कि शादी, प्रेगनेंसी या ट्रांसफर जैसी स्थितियों में उनका करियर बाधित हो सकता है। अगर पति किसी दूसरे शहर में नौकरी करता है तो महिला पर ही ट्रांसफर या नौकरी छोड़ने का दबाव होता है। गर्भावस्था में महिला के करियर पर ब्रेक लग सकता है। अपेक्षाओं का सामना नौकरीपेशा महिला को समाज और ससुराल की अपेक्षाओं का सामना करना पड़ता है। उन पर एक 'अच्छी बहू' बनने का हमेशा दबाव रहता है क्योंकि कहीं न कहीं उनके लिए गृहणियों की तुलना में परिवार के लिए हर वक्त पर उपस्थित रहना चुनौती बन जाती है।  India refuse to accept trophy: टीम इंडिया ने बिना ट्रॉफी के सेलिब्रेट की एशिया कप की जीत, नकवी और पाकिस्तान की हुई घनघोर बेइज्जती शादी के बाद नौकरी करने वाली महिलाओं के लिए समाधान
  • अगर आपकी शादी होने वाली है या हाल ही में शादी हुई है और आप अपने करियर व नौकरी पर फोकस करना चाहती हैं तो परिवार में खुलकर संवाद करें। उन्हें अपनी इच्छा व परेशानियां बताएं ताकि परिवार आपका सहयोग कर सके। परिवार के सहयोग से ही शादी के बाद भी महिल के लिए नौकरी करना संभव हो सकता है।
  • समय का स्मार्ट प्रबंधन करना हर महिला को आना चाहिए। उन्हें घर परिवार के साथ ही दफ्तर और खुद को समय देने की कला आनी चाहिए ताकि उनके लिए काम और परिवार के बीच संतुलन बनाना आसान हो जाए।
  • करियर के लिए दफ्तर बेहतर है लेकिन परिवार और नौकरी दोनों को संभालने के लिए अगर संभव हो तो फ्लेक्सी वर्क या वर्क फ्रॉम होम विकल्प चुनना बेहतर तरीका हो सकता है।
  • सबसे जरूरी है कि महिलाएं खुद के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का ख्याल रखें ताकि सकारात्मक तरीके से जीवन की चुनौतियों का सामना कर पाएं।
  • शादी के बाद महिला के लिए ससुराल वालों को साथ लेकर चलना और उन्हें भरोसे में लेना जरूरी है ताकि वह आपके नौकरी करने पर एतराज न जताएं, बल्कि समर्थन दें।
 

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