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PRAVEEN GUPTA / Sat, May 16, 2026 / Post views : 209
प्रवीण गुप्ता। रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने वर्ष 1992 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अरुणदेव गौतम को राज्य का पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया है। इस संबंध में गृह विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह ने आदेश जारी किया है। इससे पहले साय सरकार ने उन्हें लगभग 17 महीने पहले प्रभारी डीजीपी की जिम्मेदारी सौंपी थी।
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा गठित पैनल की अनुशंसा के बाद राज्य शासन ने उनकी पूर्णकालिक नियुक्ति की है। अरुणदेव गौतम को एक सख्त और अनुभवी पुलिस अधिकारी माना जाता है। वे अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था मजबूत करने और पुलिसिंग सुधारों के लिए जाने जाते हैं।
किसान परिवार से निकलकर बने डीजीपी
अरुणदेव गौतम मूल रूप से अभयपुर गांव के रहने वाले हैं। उनका जन्म 2 जुलाई 1967 को एक किसान परिवार में हुआ था। शुरुआती शिक्षा गांव के सरकारी स्कूल में हुई। इसके बाद वे आगे की पढ़ाई के लिए प्रयागराज पहुंचे, जहां राजकीय इंटर कॉलेज इलाहाबाद से दसवीं और बारहवीं की पढ़ाई पूरी की।
उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए और राजनीति विज्ञान में एमए किया। बाद में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से अंतरराष्ट्रीय कानून में एमफिल और पीएचडी की डिग्री हासिल की। यूपीएससी परीक्षा में पहली असफलता के बाद दूसरे प्रयास में उन्होंने सफलता हासिल कर आईपीएस सेवा जॉइन की।
सात जिलों में संभाली कमान
12 अक्टूबर 1992 को आईपीएस सेवा जॉइन करने वाले अरुणदेव गौतम को शुरुआती दौर में मध्यप्रदेश कैडर मिला था। प्रशिक्षु आईपीएस के रूप में उनकी पहली पोस्टिंग जबलपुर में हुई। इसके बाद वे बिलासपुर में सीएसपी, कवर्धा में एसडीओपी और भोपाल में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रहे। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ कैडर चुना और कोरिया, रायगढ़, जशपुर, राजनांदगांव, सरगुजा और बिलासपुर जैसे जिलों में एसपी के रूप में सेवाएं दीं।
नक्सल मोर्चे पर निभाई अहम भूमिका
वर्ष 2009 में राजनांदगांव नक्सली हमला में 29 पुलिसकर्मियों और एसपी के शहीद होने के बाद अरुणदेव गौतम को राजनांदगांव की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सख्त रणनीति के साथ काम किया। इसके बाद झीरम घाटी नक्सली हमला के बाद उन्हें बस्तर का आईजी बनाया गया, जहां उन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सुरक्षा व्यवस्था संभाली और विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करवाने में अहम भूमिका निभाई।
अब इन चुनौतियों पर रहेगा फोकस
पूर्णकालिक डीजीपी बनने के बाद अरुणदेव गौतम की प्राथमिकता राज्य में अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था मजबूत करना, पुलिसिंग में सुधार और नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाना माना जा रहा है।
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