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PRAVEEN GUPTA / Sun, Aug 3, 2025 / Post views : 47
भारतीय डाक विभाग ने बड़ा ऐलान किया है, जिसमें बताया गया है कि 1 सितंबर से रजिस्टर्ड पोस्ट सेवा को अब स्पीड पोस्ट के साथ ही मिला दिया जाएगा. यानी अब ग्राहकों को पार्सल भेजने के लिए सिर्फ स्पीड पोस्ट की ही सुविधा मिलेगी. डाक विभाग ने बताया है कि इस फैसले के बाद पोस्ट सर्विस तेज और आधुनिक बनेगी.
बता दें कि रजिस्टर्ड पोस्ट सर्विस की सुविधा साल1854 में शुरू की गई थी. इसके जरिए ग्राहक जरूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ कीमती सामानों को भेजा करते थे. हालांकि अब 1 सितंबर से रजिस्टर्ड पोस्टलेबल नहीं मिलेगा. रजिस्टर्ड पोस्ट सर्विस में प्रूफ ऑफ डिलीवरी और रिसीवर के सिग्नेचर की जरूरत होती थी, जो अब ये स्पीड पोस्ट में मिलेगी.
रजिस्टर्ड पोस्ट, जिसे सुरक्षित डाक भी कहा जाता है, केवल उसी व्यक्ति तक पहुंचती है जिसके लिए वो भेजी जाती है, यानी वही व्यक्ति इसकी डिलिवरी ले सकता है, जिसका इस पर नाम होता है. इससे सुरक्षा सुनिश्चित होती है. वहीं स्पीड पोस्ट नाम से ही साफ है कि ये अपनी स्पीड के लिए जानी जाती है, यानी कम समय में एक जगह से दूसरी जगह अपना पार्सल पहुंचाया जा सकता है. हालांकि इस पोस्ट में लिखे हुए पते पर कोई भी व्यक्ति डाक ले सकता है.
आधिकारिक डाक डेटा 2011-12 के अनुसार हर साल रजिस्टर्ड पोस्ट की संख्या में गिरावट आ रही है. साल 2011-12 में रजिस्टर्ड डाक से भेजने वाले आर्टिकल 24 करोड़ से घटकर 2019-20 में 18 करोड़ के रह गए. 25 फीसदी की कमी साफ देखी जा सकती है. कोरोना के बाद से तो स्थिति और खराब हो गई है.
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