Thu, 30 Jul
--°C ...
Logo

ब्रेकिंग

8वीं के छात्र से 100-100 बार गंदी गाली लिखवाई, अभिभावकों के सिग्नेचर भी मांगे; जांच के आदेश

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शिलांग कोर्ट में किया आत्मसमर्पण, अब जेल में रहकर चलेगा ट्रायल

सप्लाई बाधित होने की आशंका से बढ़ी चिंता, भारत में सिलेंडर कीमतों पर पड़ सकता है असर

साथी का मोबाइल चुराकर बनाई नई UPI ID, ऑनलाइन गेमिंग की लत में गंवाई पूरी रकम

अभनपुर के लखना गांव में सनसनी, हत्या की आशंका; पहचान में जुटी पुलिस

सस्ते टूर पैकेज के झांसे में फंसाकर मांगी 1.20 करोड़ की फिरौती, 5 भारतीय गिरफ्तार

कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, मरम्मत, शौचालय, वाहन स्टैंड और ट्रांसफार्मर की मांग

नाले में कार बहने के बाद चला लगातार रेस्क्यू, विशेषज्ञ गोताखोरों ने बरामद किए शव

रोज 10 मरीज अस्पताल पहुंच रहे, स्टाफ की कमी और डीडीटी छिड़काव नहीं होने से बढ़ी चिंता

महेंद्रा ट्रेवल्स की बस हादसे का शिकार, 10–12 यात्री घायल; पुलिस जांच में जुटी

सूचना

hello php

: भारत की पहली डिजिटल जनगणना: 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक चलेगा पहला चरण, 30 लाख कर्मी जुटेंगे डेटा संग्रह में

Vishva News / Thu, Jan 8, 2026 / Post views : 23

Share:

नई दिल्ली : केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जनगणना 2027 के पहले चरण की समयसीमा औपचारिक रूप से अधिसूचित कर दी है। इस चरण में घरों और आवासों की सूचीकरण (हाउसलिस्टिंग ऑपरेशंस) का कार्य शामिल होगा, जो 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 के बीच प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश द्वारा निर्धारित 30 दिनों की अवधि में पूरा किया जाएगा। अधिसूचना में स्व-गणना का विकल्प भी जोड़ा गया है, जो घर-घर सूचीकरण शुरू होने से ठीक 15 दिन पहले उपलब्ध होगा। इससे नागरिक ऐप या पोर्टल के माध्यम से खुद अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।

Gold Silver Rate Today 8 Jan: सोने और चांदी की कीमतों में भारी बढ़ोतरी, बाजार में हलचल! अपने शहर के भाव देखें

यह जनगणना कोविड महामारी के कारण स्थगित 2021 की जनगणना के बाद आयोजित की जा रही है और दो चरणों में पूरी होगी। पहला चरण घरों की सूचीकरण और आवास स्थिति का होगा, जबकि दूसरा चरण जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में होगा। संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 की आधी रात रखी गई है (हिमाच्छादित क्षेत्रों को छोड़कर, जहां यह सितंबर 2026 में होगी)।

पहली बार पूरी जनगणना डिजिटल होगी

पहली बार पूरी जनगणना डिजिटल होगी। डेटा संग्रह मोबाइल ऐप (एंड्रॉइड और आईओएस दोनों पर) से होगा और जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (सीएमएमएस) पोर्टल से रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। लगभग 30 लाख जमीनी कर्मचारी (मुख्य रूप से सरकारी शिक्षक) इसमें शामिल होंगे।

पिछले साल कैबिनेट ने 11,718 करोड़ रुपये की लागत से जनगणना कराने को मंजूरी दी थी। जनसंख्या गणना चरण में जाति संबंधी जानकारी भी शामिल की जाएगी, जो स्वतंत्र भारत की जनगणना में पहली बार होगा।

Petrol Diesel Price Today: आज पेट्रोल-डीजल की कीमतों में गिरावट या बढ़ोतरी? देखें ताजा अपडेट

सरकार ने जोर दिया है कि डेटा प्रसार उपयोगकर्ता-अनुकूल होगा और जनगणना-आधारित सेवा (CaaS) के जरिए मंत्रालयों को मशीन-पठनीय डेटा उपलब्ध कराया जाएगा। यह विश्व का सबसे बड़ा प्रशासनिक अभ्यास होगा, जो नीति-निर्माण और विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण डेटा प्रदान करेगा।

Tags :

Share News:

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

Related Posts