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Vishva News / Sun, Jan 11, 2026 / Post views : 49
चेन्नई : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) 12 जनवरी सोमवार को वर्ष 2026 का अपना पहला अंतरिक्ष मिशन लांच करने जा रहा है। इसरो का पीएसएलवी सी62 रॉकेट अर्थ आब्जर्वेशन सेटेलाइट (ईओएस-एन1) को अंतरिक्ष में ले जाएगा। पीएसएलवी सी62 रॉकेट ईओएस-एन1 के साथ 14 अन्य पेलोड को भी अंतरिक्ष में ले जाएगा। यह मिशन इसरो की कमर्शियल शाखा न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआइएल) द्वारा संचालित किया जा रहा है।
Uric Acid In Winter Symptoms: सर्दियों में जोड़ों में दर्द? यह हो सकता है हाई यूरिक एसिड का संकेत, जानें लक्षण और उपचारइसरो ने शनिवार को कहा, रॉकेट और उपग्रहों का एकीकरण पूरा हो चुका है। पीएसएलवी सी62 मिशन को 12 जनवरी को सुबह 10:17 बजे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित करने की योजना है। इस मिशन के लिए 25 घंटे की उल्टी गिनती 11 जनवरी को शुरू होने की उम्मीद है। यह पीएसएलवी की 64वीं उड़ान होगी। इस मिशन के साथ भारतीय धरती से लांच किए गए विदेशी उपग्रहों की कुल संख्या 442 हो जाएगी। पीएसएलवी ने अब तक 63 उड़ानें पूरी की हैं, जिनमें चंद्रयान-1, मंगल आर्बिटर मिशन और आदित्य-एल1 मिशन शामिल हैं।
इसरो ने बताया कि इस मिशन के तहत राकेट थाईलैंड और ब्रिटेन द्वारा निर्मित 'पृथ्वी अवलोकन उपग्रह' के साथ 13 अन्य उपग्रहों को प्रक्षेपण के लगभग 17 मिनट बाद इच्छित सूर्य-तुल्यकालिक कक्षा में स्थापित करेगा। हालांकि, रॉकेट के चौथे चरण (पीएस4) का पृथक्करण और स्पेनिश स्टार्टअप के केस्ट्रल इनिशियल टेक्नालॉजी डिमांसट्रेटर (केआइडी) कैप्सूल का प्रदर्शन लांचिंग के दो घंटे बाद होने की उम्मीद है। स्पेन की एक स्टार्टअप कंपनी का केआइडी को कक्षा में भेजने के बाद पृथ्वी के वायुमंडल में वापस लाया जाएगा। पीएस4 चरण और केआइडी कैप्सूल पृथ्वी के वायुमंडल में पुन: प्रवेश करेंगे और दक्षिण प्रशांत महासागर में गिरेंगे।
Indian Navy Recruitment 2026: नौसेना में कैरियर बनाने का सुनहरा मौका, 12वीं पास उम्मीदवारों के लिए भर्ती खुलीइसरो के अध्यक्ष वी नारायणन ने प्रस्तावित पीएसएलवी-सी62 मिशन की लांचिंग से पहले शनिवार को तिरुपति स्थित वेंकेटेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना की। वह राकेट की लघु प्रतिकृति अपने साथ लाए थे।
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