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: ISRO की नई सफलता: सैटेलाइट 'EOS-N1 अन्वेषा' ने अंतरिक्ष में भरी उड़ान, भारत को मिलेगी दिव्य दृष्टि

Vishva News / Mon, Jan 12, 2026 / Post views : 19

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श्रीहरिकोटा: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी ISRO ने आज सोमवार 12 जनवरी को अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक और बड़ी छलांग लगा दी है। इसरो ने देश के सैटेलाइट EOS-N1 अन्वेषा को PSLV C-62 मिशन के तहत अंतरिक्ष में भेज दिया है। इस सैटेलाइट की मदद से सीमा निगरानी, छिपे लक्ष्यों की पहचान और पर्यावरण मॉनिटरिंग में क्रांति आने की संभावना है। जानकारी के मुताबिक, इसरो का साल 2026 का पहला सेटेलाईट लॉन्च सुबह करीब 10 बजकर 17 मिनट पर श्री हरिकोटा स्पेस पोर्ट से हुआ।

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14 अन्य पेलोड को अंतरिक्ष में स्थापित होंगे

इसरो ने अपने 2026 के प्रक्षेपण कैलेंडर की शुरुआत सोमवार को ‘पीएसएलवी-सी62’ मिशन के साथ किया है। इस मिशन के तहत पृथ्वी अवलोकन उपग्रह ‘ईओएस-एन1’ और 14 अन्य पेलोड को अंतरिक्ष में स्थापित किया जाएगा। इसरो की वाणिज्यिक शाखा ‘न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड’ (एनएसआईएल) के इस मिशन में शामिल 14 अन्य सह-यात्री उपग्रह देशी और विदेशी ग्राहकों के हैं वे सुबह 10 बजकर 17 मिनट पर श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के प्रथम प्रक्षेपण स्थल से लॉन्च हुए हैं।

EOS-N1 की खूबियां

मुख्य पेलोड DRDO का EOS-N1 (अन्वेषा) हाइपरस्पेक्ट्रल अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट है, जो सीमा निगरानी, छिपे लक्ष्यों की पहचान और पर्यावरण मॉनिटरिंग में क्रांति लाएगा। यह 2025 की असफलता के बाद PSLV का महत्वपूर्ण कमबैक है। इसरो EOS-N1 के अलावा आज 14 दूसरे पेलोड को भी अंतरिक्ष में स्थापित करेगा। CG Weather Update: प्रदेश में सक्रिय हुआ पश्चिमी विक्षोभ, कड़ाके की ठंड से जल्द मिलेगी राहत

सारे पैरामीटर्स लॉन्च के माकूल 

पहले PSLV C62/ EOS N1 लॉन्च का ऑटोमेटिक सिक्वेंस जारी कर दिया गया। इसका मतलब है कि सारे पैरामीटर्स लॉन्च के माकूल हैं। इसके बाद एक बार अंतिम परीक्षण किया गया। फिर 10 बजकर 18 मिनिट और 30 सेकेंड पर लिफ़्ट ऑफ किया गया।

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