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: गर्व का पल: भारत की पहली स्वदेशी चिप लॉन्च, टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भरता की नई मिसाल

Vishva News / Tue, Sep 2, 2025 / Post views : 26

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चिप क्रांति में भारत ने बड़ा कदम बढ़ाया है. भारत ने पहली 'मेड इन भारत' प्रोसेसर और टेस्ट चिप तैयार कर ली हैं. मंगलवार को सेमीकॉन इंडिया 2025 के दौरान केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने इन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपा. इसमें शामिल 32 बिट प्रोसेसर को विक्रम नाम दिया गया है. आइए बताते हैं कि इसमें ऐसा क्या खास है. बैंक में सेंधमारी: SBI ब्रांच से 2 करोड़ के आभूषण और 8 लाख नकद की बड़ी चोरी

पीएम को सौंपी पहली स्वदेशी चिप

सेमीकॉन इंडिया 2025 में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'विक्रम' 32-बिट प्रोसेसर और चार सेमीकंडक्टर टेस्ट चिप सौंपे. विक्रम भारत की पहली पूरी तरह स्वदेशी 32-बिट माइक्रोप्रोसेसर चिप है. इस प्रोसेसर को VIKRAM3201 नाम दिया गया है. इसे इसरो के सेमीकंडक्टर लैब में बनाया गया है. भारत अभी तक विदेशों से चिप आयात करता रहा है. लेकिन ये विदेशी चिप पर भारत की निर्भरता कम करने के प्रयासों में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है.

VIKRAM3201 क्यों इतना खास?

  • विक्रम 3201 प्रोसेसर खासतौर से स्पेस लॉन्च व्हीकल्स की चरम स्थितियों में काम करने के लिए तैयार किया गया है. यह अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्र में काफी मददगार हो सकता है. 
  • इसे इस तरह बनाया गया है कि यह अंतरिक्ष उड़ानों के दौरान चरम परिस्थितियों जैसे कि बहुत ज्यादा गर्मी, ठंड, कंपन और दबाव को सह सके. 
  • यह ऐसी माइक्रोप्रोसेसर चिप है, जो कई तरह के काम कर सकती है, जैसे कि गणना करना, डेटा प्रोसेस करना और कंट्रोल सिस्टम्स को चलाना. 
  • यह प्रोसेसर एक बार में 32 बिट्स डेटा प्रोसेस कर सकता है. यह इसकी स्पीड और क्षमता को दिखाता है. मतलब यह ज्यादा जटिल कामों को भी आसानी से पूरा कर सकता है. 
  • यह पहले से तैयार स्वदेशी 16-बिट VIKRAM1601 का एडवांस वर्जन है, जिसे 2009 से इसरो के लॉन्च व्हीकल्स के एवियोनिक्स सिस्टम में इस्तेमाल किया जा रहा है. 
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प्रोसेसर के सभी टूल्स भी स्वदेशी

इसरो ने VIKRAM3201 प्रोसेसर के लिए जरूरी सभी सॉफ्टवेयर टूल्स खुद ही विकसित किए हैं. इन्हें किसी बाहरी कंपनी या विदेश से नहीं लिया गया है. इसके सभी सहायक सॉफ्टवेयर टूल्स जैसे कि Ada कंपाइलर, असेंबलर, लिंकर्स, सिम्युलेटर और इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट एनवायरनमेंट (IDE) भी देश में ही बनाए गए हैं.

ये तो बस शुरुआत है...

'विक्रम' प्रोसेसर भारत की सेमीकंडक्टर महत्वाकांक्षाओं की शुरुआत भर है. Bastion Research की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के लगभग 20% चिप डिजाइन इंजीनियर भारत में काम करते हैं. इस तरह भारत ग्लोबल सेमीकंडक्टर डिज़ाइन का एक अहम सेंटर बन चुका है. क्वालकॉम, इंटेल, एनवीडिया, ब्रॉडकॉम और मीडियाटेक जैसी नामचीन कंपनियों ने बेंगलुरु, हैदराबाद और नोएडा में बड़े रिसर्च, डेवलपमेंट और डिजाइन सेंटर स्थापित किए हैं. पूर्व भारतीय क्रिकेटर Robin Uthappa का बड़ा खुलासा, कहा- उनके और Virat Kohli के रिश्तों में आई दरार

देश में लग रहे 5 सेमीकंडक्टर प्लांट

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि देश में 5 सेमीकंडक्टर यूनिट का निर्माण चल रहा है. इसमें से एक की पायलट लाइन पूरी हो चुकी है. दो अन्य में भी जल्द उत्पादन शुरू होगा. यह भारत की सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है. सरकार हाई वॉल्यूम फैब्रिकेशन यूनिट्स (फैब्स), 3डी हेटेरोजेनस पैकेजिंग, कंपाउंड सेमीकंडक्टर और आउटसोर्स सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्टिंग (ओएसएटी) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में 10 प्रोजेक्टों को भी मंजूरी दे चुकी है. इसके अलावा डिजाइन पर फोकस करते हुए 280 से अधिक कॉलेजों और 72 स्टार्ट अप्स को एडवांस्ड टूल्स प्रदान किए गए हैं. डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव (डीएलआई) योजना के तहत 23 स्टार्ट-अप्स को मदद दी गई है.

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