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: बंगाल में उल्टा पलायन: 500 बांग्लादेशी जीरो लाइन पर फंसे, SIR अभियान से दहशत का माहौल

Vishva News / Thu, Nov 20, 2025 / Post views : 13

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कोलकाता : पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश की सीमा से लगे हाकिमपुर बॉर्डर आउटपोस्ट (उत्तर 24 परगना) पर पिछले कुछ दिनों से असामान्य हलचल दिख रही है। सड़क किनारे झुंड बनाकर बैठे महिलाओं, पुरुषों और बच्चों के चेहरों पर भय साफ झलकता है। इनके पास पड़े बैग, कंबल और बक्से बताते हैं कि वे जल्दबाजी में अपना घर छोड़ कर आए हैं- केवल एक उद्देश्य के साथ कि उन्हें वापस बांग्लादेश लौटना है। संख्या इतनी ज्यादा बढ़ रही है कि अधिकारी इस उलट पलायन बता रहे हैं। यानी पहले ये लोग अवैध तरीकों से भारत में पलायन करके आए और अब भारत से भागने में लगे हैं। नेशनल हाईवे पर दर्दनाक हादसा, शिक्षक की मौत, कार हुई बुरी तरह क्षतिग्रस्त

'डर लग रहा है… इसलिए आ गए हैं'

अब्दुल मोमिन नाम के एक शख्स ने बताया कि वह पांच साल पहले सतखीरा जिले से भारत में दाखिल हुथा। उन्होंने कहा कि एक दलाल को पैसे देकर आए थे। हम हावड़ा के डोमजूड़ में रहते थे। जब SIR शुरू हुआ तो डर लगने लगा। सुना कि BSF वापस भेज रही है, इसलिए पत्नी और दो बच्चों के साथ सुबह-सुबह यहां आ गए।

पश्चिम बंगाल से भागे 500 बांग्लादेशी शरणार्थी जीरो लाइन के पास फंसे

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा पर नाटकीय घटना ने राजनीतिक विवाद को नई ऊंचाई दे दी है। लगभग 500 अवैध बांग्लादेशी नागरिक विशेष गहन संशोधन (SIR) अभियान के डर से अपने देश लौटने की कोशिश में जीरो लाइन पर फंस गए हैं। ये लोग कोलकाता के उपनगरीय इलाकों में वर्षों से छिपकर रह रहे थे। बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) ने इन्हें भारत में वापस आने से रोक दिया, जबकि बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) ने इन्हें बांग्लादेश में प्रवेश करने से इनकार कर दिया। यह घटना चुनाव आयोग के मतदाता सूची सफाई अभियान के बीच हुई है, जिसे विपक्षी दल भाजपा अवैध घुसपैठ के खिलाफ सख्त कदम बता रही है, वहीं तृणमूल कांग्रेस (TMC) इसे 'राजनीतिक साजिश' करार दे रही है।

'NRC हो रहा है… हम पकड़े जाएंगे'

एक महिला ने कहा कि दस साल पहले हम न्यू टाउन में रहने आ गए थे। लेकिन अब NRC की बात सुनकर डर लगा। मेरे पास भारतीय दस्तावेज नहीं हैं। हालांकि NRC असम में लागू है, लेकिन तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव आयोग का SIR पश्चिम बंगाल में NRC का बैकडोर तरीका है। महिला ने बताया कि वह घरेलू सहायक के रूप में 15,000 रुपये महीने कमाती थी, जबकि उसके पति मैनुअल स्कैवेंजिंग का काम करते थे- उनके पास भारतीय वोटर कार्ड और आधार दोनों हैं। लेकिन मेरे पास कुछ नहीं है इसलिए लौट रही हूं। BSF अधिकारियों के मुताबिक, पिछले एक सप्ताह में 400 से अधिक लोग हाकिमपुर चौकी पहुंच चुके हैं। इनमें ज्यादातर कोलकाता, हावड़ा और आसपास के इलाकों से आए वे परिवार हैं जो कई वर्षों से बंगाल में रह रहे थे। 8 महीने में दूसरी बार छत्तीसगढ़ पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, अंबिकापुर में बिरसा मुंडा जयंती कार्यक्रम में हुईं शामिल

हाकीमपुर बॉर्डर पर बढ़ती भीड़

मंगलवार दोपहर तक हाकीमपुर चेकपोस्ट पर फंसे लोगों की संख्या 500 से अधिक हो गई। ये लोग मुख्य रूप से सतखिरा और जशोर जिले के मूल निवासी हैं, जो कोलकाता के बिराटी, मध्यमग्राम, राजारहाट, न्यू टाउन और सॉल्टलेक जैसे इलाकों में घरेलू सहायक, मजदूर या छोटे कारोबारियों के रूप में काम कर रहे थे। कई महिलाओं और बच्चों सहित इस समूह ने BSF अधिकारियों को बताया कि SIR के तहत घर-घर जाकर दस्तावेजों की जांच से वे घबरा गए थे। एक फंसी हुई महिला ने कहा- मैं दस साल से किराए के मकान में रह रही थी और घरेलू काम करती थी। अब SIR की जांच से डर लग रहा है। मैं सतखिरा लौटना चाहती हूं। BSF के अनुसार, यह इस साल का सबसे बड़ा सिंगल समूह है। इससे पहले इस महीने के शुरुआत में ताराली बॉर्डर पर 14 बांग्लादेशियों को रोका गया था। फंसे लोगों के साथ कुछ दलाल भी थे, जो अवैध सीमा पार कराने का वादा करके आए थे, लेकिन भीड़ बढ़ते ही वे भाग निकले, जिससे स्थिति और जटिल हो गई।

BSF- यह रिवर्स एक्सोडस है

BSF अधिकारियों के अनुसार, SIR शुरू होने के बाद से बांग्लादेश लौटने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ी है। पहले रोज 10-20 लोग निकलते थे, अब रोज 150-200 लोग लौटने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीमा पर बायोमेट्रिक जांच की जा रही है और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को राज्य पुलिस को सौंपा जा रहा है। अधिकांश वे लोग हैं जिनके पास कानूनी भारतीय दस्तावेज नहीं हैं। हाकिमपुर सीमा पर मौजूद यह भीड़ डर, अनिश्चितता और अफवाहों की देन है। SIR को लेकर फैली आशंकाओं ने राज्य में रह रहे अवैध प्रवासियों के बीच गहरे भय की स्थिति पैदा कर दी है- जिसके परिणामस्वरूप यह दुर्लभ उल्टा पलायन देखने को मिल रहा है।

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