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: Sheikh Hasina Verdict: शेख हसीना को मौत की सजा, 30 दिन में सरेंडर नहीं किया तो कार्रवाई तेज़ होगी; पूर्व PM के पास सिर्फ यह 2 विकल्प बचे

Vishva News / Tue, Nov 18, 2025 / Post views : 28

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Sheikh Hasina Verdict: बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल बांग्लादेश (ICT-BD) ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मौत की सजा सुनाई है. इस फैसले को लेकर बांग्लादेश में स्थिति तनावपूर्ण है, जिसको देखते हुए बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने देशवासियों से संयम बरतने की अपील की है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि निर्वासित होकर भारत में रह रहीं शेख हसीना के पास अब क्या विकल्प बचे हैं.

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शेख हसीना के पास विकल्प नंबर- 1

हसीना फैसले के खिलाफ तब तक अपील नहीं कर सकती जब तक कि वह फैसले के 30 दिनों के भीतर सरेंडर नहीं कर देती या गिरफ्तार नहीं हो जाती. यानी उनके पास इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल बांग्लादेश के इस फैसले को चुनौती देने के लिए 17 दिसंबर 2025 तक का ही वक्त है. यदि शेख हसीना इस तारीख तक बांग्लादेश की किसी कोर्ट में सरेंड नहीं करतीं या गिरफ्तारी नहीं देती हैं, तो अपील का कानूनी अधिकार अपने आप समाप्त हो जाएगा. हालांकि जिस तरह बांग्लादेश में माहौल है, आवामी लीग के नेताओं को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है, शेख हसीना ने खुद इस फैसले को गलत बताया है, इसकी उम्मीन ना के बराबर ही है कि वो बांग्लादेश में जाकर सरेंडर करने का रिस्क लेंगी.

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शेख हसीना के पास विकल्प नंबर- 2

फैसले पर प्रतिक्रिया में हसीना ने आरोपों को ‘पक्षपातपूर्ण और राजनीति से प्रेरित' बताते हुए इनकार किया और कहा कि यह फैसला एक ‘गैर अधिकृत न्यायाधिकरण' द्वारा दिया गया है, जिसकी स्थापना और अध्यक्षता एक ‘अनिर्वाचित सरकार' द्वारा की गई है, जिसके पास कोई लोकतांत्रिक जनादेश नहीं है. यह साफ बताता है कि वो विकल्प नंबर एक को तो नहीं चुन रही हैं. उनके पास विकल्प नंबर 2 यह है कि वह भारत में बनी रहें और भारत सरकार से उम्मीद करें कि वो उन्हें किसी हाल में बांग्लादेश को न सौंपे. हालांकि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने शेख हसीना और पूर्व गृहमंत्री असदुज्जमां खान कमाल को तुरंत सौंपने का सोमवार को भारत से आग्रह किया.  बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'हम भारत सरकार से आग्रह करते हैं कि वह इन दोनों दोषियों को तत्काल बांग्लादेशी अधिकारियों को सौंप दे.' मंत्रालय ने कहा कि बांग्लादेश और भारत के बीच मौजूदा द्विपक्षीय प्रत्यर्पण समझौता दोनों दोषियों के स्थानांतरण को नयी दिल्ली की अनिवार्य जिम्मेदारी बनाता है. इसके बाद भारत के विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि भारत ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के संबंध में बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल द्वारा सुनाए गए फैसले पर ध्यान दिया है. एक निकट पड़ोसी होने के नाते, भारत बांग्लादेश के लोगों के सर्वोत्तम हितों, जिसमें उनके देश में शांति, लोकतंत्र, समावेशिता और स्थिरता शामिल है, के लिए प्रतिबद्ध है. हम इस दिशा में सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ हमेशा रचनात्मक रूप से जुड़े रहेंगे.

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