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: ट्रेन में रील-गाने पर सख्त चेतावनी! नियम तोड़ा तो भुगतनी होगी ऐसी सजा कि जिंदगी भर नहीं भूलेंगे

Vishva News / Thu, Sep 4, 2025 / Post views : 25

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नई दिल्ली: अगर आप ट्रेन में बिना हेडफोन के तेज आवाज में गाने सुनते हैं या फोन पर स्पीकर लगाकर जोर-जोर से बात करते हैं, तो सावधान हो जाइए! भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और शांति बनाए रखने के लिए सख्त नियम लागू किए हैं, और ये नियम काफी पहले से लागू हैं। खासकर रात 10 बजे के बाद इन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना और सजा का प्रावधान है। तो कहीं ऐसा न हो कि रील पर गाना सुनने के चक्कर में न सिर्फ आपकी जेब ढीली हो, बल्कि यात्रा का मजा भी किरकिरा हो जाए। Asia Cup 2025: सभी 8 टीमों का स्क्वाड और कप्तान हुए घोषित, जानें पूरी लिस्ट

क्या है रेलवे का 'रात 10 बजे' वाला नियम?

भारतीय रेलवे ने यात्रियों की शिकायतों को देखते हुए 'आफ्टर 10 पीएम रूल' लागू किया है। इस नियम के तहत रात 10 बजे के बाद ट्रेन में शांति बनाए रखना जरूरी है। कोई भी यात्री तेज आवाज में गाने नहीं सुन सकता, वीडियो नहीं चला सकता, या फोन पर जोर-जोर से बात नहीं कर सकता। अगर आपकी हरकत से बाकी यात्रियों को तकलीफ होती है, तो इसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। रेलवे का मकसद है कि रात के सफर में हर यात्री को नींद और आराम मिले।

नियम तोड़ने की क्या सजा है?

रेलवे एक्ट, 1989 की धारा 145 के मुताबिक, ट्रेन में शांति भंग करना या दूसरों को परेशान करना दंडनीय अपराध है। अगर कोई यात्री बिना हेडफोन के तेज आवाज में गाने सुनता है या फोन पर स्पीकर लगाकर बात करता है, तो उसे पहले चेतावनी दी जा सकती है। इसके बाद 500 से 1000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। गंभीर मामलों में यात्री को अगले स्टेशन पर उतार भी दिया जा सकता है। रेलवे पुलिस (RPF) और TTE को इन नियमों को लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है। Boat Accident: नदी में पेड़ की डाल से टकराकर डूबी नौका, कम से कम 31 लोगों की मौत; कई लापता

रात के समय के लिए नए नियम क्या हैं?

रात 10 बजे के बाद ट्रेन में शांति बनाए रखने के लिए रेलवे ने कई नियम बनाए हैं। इनमें शामिल है:
  1. बिना हेडफोन के तेज आवाज में गाने सुनना या वीडियो चलाना मना है।
  2. फोन पर जोर-जोर से बात करना प्रतिबंधित है।
  3. नाइट लाइट को छोड़कर बाकी सभी लाइट्स बंद करनी होंगी।
इन नियमों का पालन न करने पर रेलवे सख्त कार्रवाई कर सकता है। टीटीई और रेलवे स्टाफ को यात्रियों को इन नियमों के बारे में जागरूक करने का भी निर्देश दिया गया है।

किन कोचों में लागू हैं ये नियम?

ये नियम स्लीपर, एसी और जनरल सभी कोचों में लागू हैं। हालांकि, एसी और स्लीपर कोच में रेलवे स्टाफ की मौजूदगी ज्यादा होने के कारण इनका पालन आसानी से कराया जाता है। जनरल कोच में निगरानी कम होती है, लेकिन नियम सभी यात्रियों पर बराबर लागू हैं।

बच्चों के लिए क्या हैं नियम?

रेलवे नियमों में बच्चों के शोर को लेकर कोई अलग प्रावधान नहीं है। अगर छोटे बच्चे रोते हैं, तो इसे अपराध नहीं माना जाएगा। लेकिन माता-पिता को सलाह दी जाती है कि वे बच्चों को जोर-जोर से खेलने, गाने या शोर मचाने से रोकें। नई GST का बड़ा तोहफा: डिशवॉशर, सिलाई मशीन और बर्तन सब सस्ते, हाउसवाइव्स की दिवाली हुई शानदार

यात्रियों को क्या करना चाहिए?

ट्रेन आप अकेले नहीं होते, बल्कि आपके साथ सैकड़ों लोग सफर कर रहे होते हैं। इसलिए हर यात्री को दूसरों की सुविधा और आराम का ख्याल रखना चाहिए। रात 10 बजे के बाद हेडफोन का इस्तेमाल करें और फोन पर धीमी आवाज में बात करें। अगर हर यात्री थोड़ी सी जिम्मेदारी ले, तो सफर सबके लिए खुशहाल और आरामदायक हो सकता है। रेलवे यात्रियों से हमेशा अपील करता है कि वे इन नियमों का पालन करें और दूसरों की तकलीफ का सबब न बनें। रेलवे का कहना है कि इन नियमों का मकसद सजा देना नहीं, बल्कि सभी के लिए सफर को बेहतर बनाना है।

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