Wed, 28 Oct
--°C ...
Logo

ब्रेकिंग

वायरल वीडियो से 10 की पहचान, 2 बालिगों पर कार्रवाई

नशे में झूमते युवकों के बीच विवाद, युवक को बेरहमी से पीटने का वीडियो सामने आया

8वीं के छात्र से 100-100 बार गंदी गाली लिखवाई, अभिभावकों के सिग्नेचर भी मांगे; जांच के आदेश

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शिलांग कोर्ट में किया आत्मसमर्पण, अब जेल में रहकर चलेगा ट्रायल

सप्लाई बाधित होने की आशंका से बढ़ी चिंता, भारत में सिलेंडर कीमतों पर पड़ सकता है असर

साथी का मोबाइल चुराकर बनाई नई UPI ID, ऑनलाइन गेमिंग की लत में गंवाई पूरी रकम

अभनपुर के लखना गांव में सनसनी, हत्या की आशंका; पहचान में जुटी पुलिस

सस्ते टूर पैकेज के झांसे में फंसाकर मांगी 1.20 करोड़ की फिरौती, 5 भारतीय गिरफ्तार

कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, मरम्मत, शौचालय, वाहन स्टैंड और ट्रांसफार्मर की मांग

नाले में कार बहने के बाद चला लगातार रेस्क्यू, विशेषज्ञ गोताखोरों ने बरामद किए शव

सूचना

hello php

: साइबराबाद पुलिस ने फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का किया भंडाफोड़, ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों से 8-10 करोड़ की ठगी का खुलासा

Vishva News / Sun, Nov 30, 2025 / Post views : 41

Share:
हैदराबाद: साइबराबाद पुलिस ने एक फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है, जिसने पिछले दो सालों में ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों से करीब 8 से 10 करोड़ रुपए  की ठगी को अंजाम दिया है. यह कॉल सेंटर "रिज आईटी सॉल्यूशंस" नाम से आईटी सेवा प्रदाता के रूप में हैदराबाद के मधापुर इलाके में संचालित हो रहा था. साइबराबाद स्पेशल ऑपरेशंस टीम (Cyberabad Special Operations Team) ने साइबर क्राइम पुलिस के साथ मिलकर इस अवैध धंधे में शामिल नौ लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि इस मामले में और भी गिरफ्तारियां होंगी. CG Electricity Relief: छत्तीसगढ़ में बड़ी राहत… अब 200 यूनिट तक आधा बिजली बिल, 1 दिसंबर से लागू होगी योजना साइबराबाद के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है और विदेशी लिंक और मनी ट्रेल की पहचान के लिए आगे की जांच जारी है.

इस तरह से ठगी की वारदात को देते थे अंजाम 

  • आरोपी ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को फर्जी पॉप-अप और ईमेल भेजकर संपर्क शुरू करते थे और फिर उन्‍हें झूठी चेतावनी देते थे कि उनके कंप्यूटर हैक हो गए हैं, जब वे (ऑस्ट्रेलियाई नागरिक) पॉप-अप में दिखाए गए कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करते थे तो यह कॉल सीधे रिज आईटी सॉल्यूशंस से जुड़े एक्स-लाइट एप्लिकेशन के माध्यम से रूट हो जाती थीं.
  • इसके बाद आरोपी सोशल इंजीनियरिंग की रणनीति का इस्तेमाल करके पीड़ितों को रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर AnyDesk इंस्टॉल करने के लिए राजी कर लेते थे. इस तरह वे पीड़ितों के सिस्टम पर पूरा नियंत्रण हासिल करते थे, उनके ऑनलाइन बैंकिंग क्रेडेंशियल्स तक पहुंच बनाते थे और फिर बिना अनुमति के बड़ी रकम ट्रांसफर कर लेते थे.
  • चोरी की गई धनराशि सीधे भारत नहीं भेजी जाती थी. इसके बजाय यह धनराशि पहले भारतीय नागरिकों और ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले छात्रों के ऑस्ट्रेलियाई बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती थी.
  • अपराधियों द्वारा इस्‍तेमाल इन "म्यूल खाते" ट्रांसफर के शुरुआती बिंदु के रूप में काम करते थे, जिसके बाद हवाला नेटवर्क और क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन जैसे अवैध वित्तीय मार्गों का इस्तेमाल करके धनराशि को भारत भेजा जाता था.
Indian Woman Snooker Champion: अनुपमा रामचंद्रन बनीं पहली भारतीय महिला स्नूकर चैंपियन, क्यू स्पोर्ट्स में ऐतिहासिक जीत

छापेमारी के दौरान पुलिस को क्‍या पता चला?

छापेमारी के दौरान पुलिस ने 45 ऑस्ट्रेलियाई बैंक खातों से जुड़े महत्वपूर्ण सबूतों को जब्‍त किया है, जिससे यह पता चलता है कि दो साल की अवधि में सैकड़ों ऐसे खातों का दुरुपयोग किया गया होगा.

Tags :

Share News:

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

Related Posts