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फर्जी नियुक्ति आदेश जारी कर करोड़ों की ठगी : शिक्षक एवं कलर्क गिरफ्तार, 3 दर्जन लोगों से की वसूली

PRAVEEN GUPTA / Tue, May 5, 2026 / Post views : 100

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रायपुर। प्रार्थी राजपाल बघेल सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय द्वारा दिनांक 24 अप्रैल को थाना राखी में रिपोर्ट दर्ज कराया कि सामान्य प्रशासन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के नाम से दिनांक 5 मार्च का एक फर्जी आदेश, जिसमें परिवहन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, वन एवं जलवायु परिवर्तन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा स्कूल शिक्षा विभाग में अभ्यर्थियों की नियुक्ति संबंधी अनुशंसा दर्शायी गई थी, सोशल मीडिया (व्हाट्सएप) के माध्यम से प्रसारित किया जा रहा है। उक्त आदेश में सचिव एवं उप सचिव के डिजिटल हस्ताक्षर का दुरुपयोग किया गया था। साथ ही उक्त फर्जी आदेश के माध्यम से अज्ञात व्यक्ति द्वारा लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे अनाधिकृत रूप से धन की मांग एवं वसूली की जा रही है।

प्रार्थी की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध थाना राखी में अपराध क्रमांक 76/2026 धारा 318(4) भारतीय न्याय संहिता का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण तथा नगर पुलिस अधीक्षक नवा रायपुर के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यों का संकलन करते हुए तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (व्हाट्सएप) के माध्यम से प्रसारित फर्जी आदेश के स्रोत का पता लगाने के सतत प्रयास किए गए। संदिग्ध मोबाईल नंबरों एवं डिजिटल उपकरणों का विश्लेषण कर अज्ञात आरोपी के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी एकत्रित की गई। संकलित साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात आरोपी की पहचान राजेश शर्मा उर्फ राजू के रूप में की गई तथा उसकी उपस्थिति जिला राजनांदगांव के डोंगरगढ़ क्षेत्र में होना पाई गई।

नौकरी दिलाने के नाम पर झांसा दिलाने की बनाई थी योजना

टीम के सदस्यों द्वारा डोंगरगढ़ पहुंचकर आरोपी की पतासाजी करते हुये आरोपी राजेश शर्मा को पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपी राजेश शर्मा ने बताया कि उसकी आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर होने के कारण वह कर्ज में डूबा हुआ था। कर्ज चुकाने हेतु अधिक धन अर्जित करने के उद्देश्य से उसने लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने की योजना बनाई। इस योजना में उसने अपने साथी मनोज कुमार श्रीवास्तव को भी शामिल किया। योजना के तहत दोनों आरोपियों द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग के नाम से कंप्यूटर में फर्जी नियुक्ति आदेश तैयार किया गया तथा राजेश शर्मा द्वारा अपने मोबाइल के माध्यम से उक्त आदेश को व्हाट्सएप पर प्रसारित कर कई लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया।

एक लाख 90 हजार की ली थी राशि

वही जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने भिलाई निवासी एक महिला से नौकरी लगाने के नाम पर 1 लाख 90 हजार रुपये की राशि ली थी, जिसे बाद में वापस कर दिया गया। शिकायत सामने आने के बाद आरोपी ने फर्जी आदेश को आगे प्रसारित करना बंद कर दिया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कंप्यूटर सेट (मॉनिटर, सीपीयू, कीबोर्ड, माउस) एवं प्रिंटर जप्त किया जाकर आरोपियों के विरूद्ध प्रकरण में धारा 319(2), 336(3), 3(5) भारतीय न्याय संहिता एवं 66(डी) आईटी एक्ट की धाराएं जोड़ी जाकर आरोपियों के विरूद्ध कार्यवाही किया गया।

यह है गिरफ्तार आरोपी

वही राजेश शर्मा उर्फ राजू पिता डी.पी. शर्मा उम्र 53 साल निवासी वार्ड नंबर 01 खुटापारा डोंगरगढ़ थाना डोंगरगढ़ जिला राजनांदगांव, मनोज कुमार श्रीवास्तव पिता अमरेश श्रीवास्तव उम्र 52 साल निवासी कुम्हारपारा डोंगरगढ़ थाना डोंगरगढ़ जिला राजनांदगांव गिरफ्तार आरोपी है।

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