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PRAVEEN GUPTA / Wed, Aug 6, 2025 / Post views : 36
नई दिल्ली- देश के नए पावर सेंटर कर्तव्य भवन का उद्घाटन बुधवार ( Kartavya Bhawan Inaugurated ) को होने जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 अगस्त को दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर कर्तव्य भवन– 3 का उद्घाटन करेंगे. इसके बाद शाम 6 बजकर 30 मिनट पर वह एक सार्वजनिक संबोधन भी करेंगे. बता दें कि कर्तव्य भवन– 3 सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना का हिस्सा है. यह आगामी कई सामान्य केंद्रीय सचिवालय भवनों में पहला होगा, जिसका मकसद विभिन्न मंत्रालयों को एक ही छत के नीचे लाना है. कई पावरफुल मंत्रालय अब देश के इस नए पावर सेंटर से चलेंगे.
इस पहल का मकसद प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना, मंत्रालयों के बीच समन्वय को बढ़ाना और बेहतर सार्वजनिक सेवा वितरण के लिए नीतियों के क्रियान्वयन में तेजी लाना है. बता दें कि नए भवन में गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, एमएसएमई, डीओपीटी (कार्मिक मंत्रालय), पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय और प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का कार्यालय होगा. कुछ मंत्रालय बुधवार से ही इसमें सिफ्ट हो जाएंगे.
शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि 1950 से लेकर 1970 तक कई भवन बनाए गए , लेकिन किसी योजना के तहत नहीं बनाए गए. बल्कि जैसी जरूरत पड़ी उस हिसाब से बनाए गए. पीएम मोदी को लगा कि जैसे दुनिया भर में कार्यालयों को एक ख़ास पैटर्न से बनाया जाता है, वैसा ही हमारे देश में भी हो. उसी के तहत 10 भवन बनाने का फैसला लिया गया है. जिसमें से तीन कर्त्तव्य भवन बनाए जा रहे हैं. तीन कर्तव्य भवनों में से एक भवन का उद्घायन पीएम मोदी करने वाले हैं. पीएम मोदी बुधवार को कर्तव्य भवन-3 का उद्घाटन करेंगे. बाक़ी दो भी लगभग बनकर तैयार हो गए हैं.
सवाल यह है कि नया कर्तव्य भवन बनने के बाद नॉर्थ और साउथ ब्लॉक का क्या होगा. तो बता दें कि दिल्ली का ऐतिहासिक नॉर्थ और साउथ ब्लॉक अब म्यूजियम में तब्दील होगा. जिसका नाम ' युगे युगीन भारत ' म्यूजियम रखा जाएगा. इन दोनों इमारतों में मौजूद सभी सरकारी दफ़्तर अब कर्तव्य भवन में शिफ्ट होने जा रहे हैं. सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत ऐसे 10 कर्तव्य भवन बनाए जाने हैं, इनमें से बने सबसे पहल भवन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करने जा रहे हैं.
सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट इंडिया गेट से लेकर राष्ट्रपति भवन तक फैले दिल्ली के इलाके को नए और आधुनिक तरह से विकसित करने का बड़ा प्रोजेक्ट है. इस प्रोजेक्ट के तहत 10 नई सरकारी इमारत बनाने की योजना है. इन सभी इमारतों का नाम कर्तव्य भवन होगा. इनमें से सबसे पहले बनकर तैयार कर्तव्य भवन का उद्घाटन बुधवार को होगा.
सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के मुताबिक इन्हीं 10 नए कर्तव्य भवनों में केंद्र सरकार से जुड़े सभी मंत्रालयों , विभागों और अधीनस्थ कार्यालयों के दफ़्तर धीरे धीरे शिफ्ट होते जाएंगे.बात अगर कर्तव्य भवन-3 की करें तो इसमें गृह , विदेश , पेट्रोलियम , ग्रामीण विकास और कार्मिक जिसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों के दफ्तर काम करने लगेंगे. इन मंत्रालयों के मंत्रियों के दफ़्तर भी इसी भवन में शिफ्ट हो रहे हैं.
तीन महीनों में दो अन्य कर्तव्य भवन भी बनकर तैयार हो जाएंगे. जिसके बाद वित्त मंत्रालय और अन्य कार्यालय भी उसमें शिफ्ट हो जाएंगे. इन कार्यालयों के शिफ्ट होने के बाद ऐतिहासिक नॉर्थ और साउथ ब्लॉक खाली हो जाएंगे. सरकार ने ऐलान किया है कि नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को म्यूजियम के तौर पर विकसित किया जाएगा. इस म्यूजियम का नाम ' युगे युगीन भारत ' म्यूजियम रखा जाएगा. इसमें भारत की 5000 साल पुरानी संस्कृति और इतिहास को दर्शाया जाएगा. इन सभी इमारतों को जोड़ने के लिए नई भूमिगत मेट्रो लाइन भी बिछाई जा रही है.
शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि प्रधानमंत्री का नया और स्थाई निवास बनाने का काम भी बहुत जल्द शुरू किया जाएगा. जिसके 2028 तक बनकर तैयार होने की संभावना है.
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