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Vishva News / Fri, Jul 17, 2026 / Post views : 11
कवर्धा। कबीरधाम जिले में वर्ष 2026 के तेंदूपत्ता संग्रहण सत्र में 32 हजार से अधिक संग्राहकों के खातों में अब तक 22.05 करोड़ रुपये का पारिश्रमिक पहुंच चुका है। जिले में 40,234 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहित कर निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 100.34 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा देश में सर्वाधिक 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक दिए जाने से वनांचल परिवारों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
लक्ष्य से अधिक संग्रहण, समय पर भुगतान
जिला लघु वनोपज सहकारी संघ कवर्धा के अंतर्गत 19 प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों के 24 लॉटों में संग्रहण कार्य सफलतापूर्वक पूरा हुआ। समय पर पारिश्रमिक भुगतान से वनाश्रित परिवार खेती, बच्चों की शिक्षा, घरेलू जरूरतों और अन्य आवश्यक कार्यों पर राशि खर्च कर रहे हैं।
बढ़ी पारिश्रमिक से बदली आर्थिक तस्वीर
वनांचल ग्राम लोखन की नंदनी मरावी ने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण अब उनके परिवार की आय का प्रमुख साधन बन गया है। पति शिवकुमार मरावी खेती और मजदूरी करते हैं, जबकि पूरा परिवार संग्रहण कार्य में भाग लेता है। बढ़ी हुई पारिश्रमिक से खेती के लिए बीज, खाद, बच्चों की पढ़ाई और घरेलू खर्च पूरे करना आसान हुआ है।
मेहनत को मिला सम्मान
नंदनी मरावी ने कहा कि पहले मेहनत के मुकाबले आय कम मिलती थी, लेकिन अब 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा मिलने से आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार जताते हुए कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण अब केवल मौसमी रोजगार नहीं, बल्कि वनवासी परिवारों की आत्मनिर्भरता और सुरक्षित भविष्य का आधार बन गया है।
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