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: छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: 28 अधिकारी पेश, 1-1 लाख रुपए के जमानत पट्टे पर सभी को जमानत

Vishva News / Tue, Sep 23, 2025 / Post views : 25

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रायपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में आरोपी बनाए गए 28 अधिकारी आज EOW की विशेष अदालत में पेश हुए. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक सभी अधिकारी अग्रिम जमानत के कागजात लेकर कोर्ट पहुंचे थे. कोर्ट में 1-1 लाख रुपए का जमानत पट्टा जमा करने पर सभी को जमानत दे दी गई. बता दें कि सभी अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत पहले ही मिल चुकी है. EOW के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में 32 सौ करोड़ रुपए का शराब घोटाला हुआ है. Raipur News : एसी-वाई-फाई वाले नए दफ्तर से राजधानी में जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया हुई स्मार्ट और तेज इस मामले में आबकारी विभाग से जुड़े 29 अफसरों को ईओडब्ल्यू ने आरोपी बनाया है और उसके खिलाफ चालान पेश किया था. 29 अफसरों में से 7 रिटायर हो चुके हैं. बाकी बचे 22 अधिकारियों को सरकार ने निलंबित कर दिया है. इन पर 2019 से 2023 के बीच 90 करोड़ रुपए की अवैध वसूली करने का आरोप है. हाईकोर्ट से 18 अगस्त को अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने पर सभी अफसरों ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी. मामले की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सभी 28 अफसरों को शर्तों के साथ जमानत दे दी थी. आज सभी अग्रिम जमानत के कागजात लेकर EOW की विशेष अदालत में पेश हुए. नाले में डूबने से हुआ दुःखद हादसा: 6 और 7 साल की चचेरी बहनों की नाले में डूबने से हुई मौत, पूरे परिवार में मातम वर्ष 2019 से 2023 के बीच राज्य के 15 बड़े जिलों में पदस्थ आबकारी अधिकारी और अन्य प्रशासनिक पदाधिकारियों द्वारा बिना ड्यूटी चुकाई गई देसी शराब (B-Part शराब) की शासकीय दुकानों में समानांतर अवैध बिक्री की गई. बस्तर और सरगुजा संभाग को छोड़कर चयनित जिलों में अधिक खपत वाली देसी शराब दुकानों को डिस्टलरी से सीधे अतिरिक्त अवैध शराब भेजी जाती थी, जिसे वैध शराब के साथ समानांतर बेचा जाता था. इस पूरे नेटवर्क में डिस्टलरी, ट्रांसपोर्टर, सेल्समैन, सुपरवाइजर, आबकारी विभाग के जिला प्रभारी अधिकारी, मंडल व वृत्त प्रभारी, और मैन पावर एजेंसी के अधिकारी-कर्मचारी शामिल थे. अवैध शराब को “बी-पार्ट शराब” कहा जाता था और इससे अर्जित रकम सीधे सिंडीकेट के पास पहुंचाई जाती थी।

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