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Vishva News / Wed, Jul 15, 2026 / Post views : 34
रायपुर - छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में बुधवार को रायपुर के नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। इस मामले को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और नारेबाजी हुई। कांग्रेस ने कार्यस्थगन प्रस्ताव पेश कर चर्चा की मांग की, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने प्रस्ताव को अग्राह्य कर दिया। इसके बाद विपक्ष ने सदन के गर्भगृह में पहुंचकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और नियमानुसार सभी विपक्षी विधायक स्वमेव निलंबित हो गए।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि नकटी गांव में 85 मकानों को तोड़ा गया, जिनमें कई प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावित परिवारों को पर्याप्त पुनर्वास उपलब्ध कराए बिना कार्रवाई की गई। कांग्रेस विधायकों ने कहा कि लोगों को पहले बसाया जाना चाहिए था, उसके बाद ही मकान हटाए जाने चाहिए थे। विधायक लखेश्वर बघेल ने भी गरीबों के घर तोड़े जाने पर सवाल उठाए।
वहीं, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि कार्रवाई पूरी तरह वैधानिक प्रक्रिया के तहत की गई। अतिक्रमण की जांच के बाद वर्ष 2025 में बेदखली का आदेश जारी हुआ था और 28 जून को कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों को पहले से सामान हटाने का समय दिया गया और नवा रायपुर के सेक्टर-30 में फ्लैट उपलब्ध कराकर पुनर्वास की व्यवस्था भी की गई।
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