ब्रेकिंग
सूचना
PRAVEEN GUPTA / Tue, May 26, 2026 / Post views : 56
दुर्ग। दुर्ग पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जो देशभर में म्यूल अकाउंट के जरिए करोड़ों रुपए की ठगी को अंजाम दे रहा था। इस गिरोह का मास्टरमाइंड कई राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था और 2 राज्यों के 4 जिलों की पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। पुलिस ने बालोद जिले के एक गांव से गिरोह के सरगना समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
म्यूल अकाउंट से चल रहा था साइबर ठगी का कारोबार
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर अपराधियों को बेचते थे। खातों में जरूरी न्यूनतम बैलेंस की राशि भी आरोपी खुद जमा करते थे और बाद में निकाल लेते थे। इस नेटवर्क के जरिए अब तक 200 से अधिक म्यूल अकाउंट साइबर ठगों को बेचे जा चुके हैं, जिनसे करोड़ों रुपए का अवैध लेनदेन किया गया।
बालोद के गांव में छिपा था मास्टरमाइंड
गिरोह का मास्टरमाइंड मनोज कुमार भुतड़ा बालोद जिले के गुंडरदेही थाना क्षेत्र के ग्राम तर्राभाठा में छिपकर रह रहा था। वह लंबे समय से गाजियाबाद, सूरत, जगदलपुर और रायपुर समेत कई जगहों की पुलिस के रडार पर था।
भिलाई में सौदे से पहले पुलिस ने दबोचा
24 मई को पुलिस को सूचना मिली कि मनोज अपने साथियों के साथ भिलाई पहुंचा है और म्यूल अकाउंट बेचने की तैयारी कर रहा है। सूचना के आधार पर सुपेला थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए सुपेला ओवरब्रिज के पास पांच रास्ता हनुमान मंदिर के समीप घेराबंदी कर मनोज भुतड़ा, केवल सेठिया और सत्यनारायण सेठिया को गिरफ्तार कर लिया।
गरीब लोगों के नाम पर खुलवाते थे खाते
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी गरीब और सामान्य लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। साधारण खाते 15 से 20 हजार रुपए और चालू खाते 40 से 50 हजार रुपए में साइबर अपराधियों को बेचे जाते थे।
खातों पर नजर रखकर दोबारा निकालते थे पैसा
आरोपी मनोज की चालाकी यहीं खत्म नहीं होती थी। खातों के बिक जाने के बाद भी वह उन पर नजर रखता था। जैसे ही किसी खाते में बड़ा ट्रांजेक्शन होता, वह बैंक से संपर्क कर खाते को होल्ड करवा देता था और बाद में होल्ड हटवाकर खुद ही रकम निकाल लेता था।
बैंक कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच
प्रारंभिक जांच में कुछ बैंक कर्मचारियों की संलिप्तता की आशंका भी सामने आई है। पुलिस अब इस एंगल पर भी जांच कर रही है। पूछताछ में मनोज ने कबूल किया है कि वह वर्ष 2022 से इस अवैध कारोबार में सक्रिय था और उसके नेटवर्क में कई राज्यों के लोग जुड़े हुए थे।
Tags :
विज्ञापन
विज्ञापन